भाेपाल के गैस पीड़ितों के साथ भेदभाव कर रही डाव केमिकल्स

Updated: | Thu, 02 Dec 2021 05:08 PM (IST)

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। भोपाल के चार गैस पीड़ित संगठनों ने गैस कांड की 37वीं बरसी पर आरोप लगाया है कि डाव केमिकल्स गैस पीड़ितों और प्रदूषित भूजल पीड़ितों के साथ भेदभाव कर रही है। कंपनी और उसके सीईओ जिम फिरटरलिंग का अमेरिका और भारत के लोगों के लिए दोहरा मापदंड है। एलजीबीटी कार्यकर्ता संजना सिंह ने कहा कि फिटरलिंग एलजीबीटी के खिलाफ भदेभाव से लड़ने की बात करते हैं, लेकिन वह ख्ाुद भोपाल गैस पीड़ितों के साथ भेदभाव कर रहे हैं। भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की रशीदा बी ने कहा कि डाव केमिकल्स के प्रीमियम उत्पाद क्लोरोपायरीफास को अमेरिका में संभावित रूप से तंत्रिका तंत्र को क्षति, बुद्धि में कमी, याददाश्त में कमी के चलते प्रतिबंध्ाित किया गया है, जबकि यही कंपनी भारत में यह उत्पाद बेच रही है। स्टेशनरी कर्मचारी संघ की शहजादी बी ने बताया कि 2014 में डाव ने मिशिगन शहर में पेयजल स्रोत दूषित होने की समस्या के लिए वाटर फिल्ट्रेशन प्रणाली लगाई। एक लाख डालर से अधिक राशि भी दान की। भोपाल में यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की वजह से प्रदूषित भूजल से क्षेत्र में रहने वाली माताओं के दूध में पारा और कैंसर पैदा करने वाले रसायन पाए गए हैं। इसके बाद भी कचरे की सफाई के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।

भोपाल ग्रुप फार इनफार्मेशन एंड एक्शन की रचना ढींगरा के अनुसार डाव केमिकल अमेरिका की संस्थाओं और अदालतों में बिना कोई सवाल किए अपने आप को प्रस्तुत करता है । उधर, भारत में डाव केमिकल छह तामीली नोटिसों को नजरअंदाज करते हुए यह दावा कर रही है कि भारतीय अदालतों का डी डाव केमिकल कंपनी पर कोई अधिकार नहीं हैै।

Posted By: Lalit Katariya