मध्‍य प्रदेश में किसानों को अब तहसील के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, आनलाइन मिलेगी भू-अधिकार पुस्तिका

Updated: | Thu, 02 Dec 2021 04:28 PM (IST)

भोपाल (राज्य ब्यूरो)। किसानों को भू-अधिकार पुस्तिका (बही) के लिए अब तहसील कार्यालय और पटवारी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार ने इस व्यवस्था को आनलाइन कर दिया है। किसान आइटी सेंटर, एमपी आनलाइन, लोक सेवा केंद्र, कियोस्क सहित सरकार द्वारा तय अन्य माध्यमों से आनलाइन आवेदन कर सकेंगे। भूलेख पोर्टल से भू-अधिकार पुस्तिका की डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति डाउनलोड कर आवेदक को तय समयसीमा में दी जाएगी। राजस्व विभाग ने नियम संशोधित कर जारी कर दिए हैं।

पुस्तिका अधिक पृष्ठों की हुई तो प्रत्येक पृष्ठ के लिए 15 रुपये अतिरिक्त देना होंगे

भू-अधिकार पुस्तिका दो पृष्ठों की होगी। इसके लिए किसान को 45 रुपये शुल्क देना होगा। यदि पुस्तिका अधिक पृष्ठों की हुई तो प्रत्येक पृष्ठ के लिए 15 रुपये अतिरिक्त देना होंगे। वहीं पुरानी भू-अधिकार पुस्तिका यथावत उपयोग में ली जा सकेंगी। विभाग ने प्रक्रिया तय की है। उसमें किसान को अपना आधार कार्ड, फोटो, मोबाइल नंबर, समग्र आइडी, पटवारी हल्का, सेक्टर क्रमांक आदि अभिलेख देने होंगे।

फोटो को सही मानकर भू-अधिकार पुस्तिका जारी की जाएगी

इनके आधार पर सेवा प्रदाता आवेदक का आवेदन अपलोड करेगा। यदि आधार नंबर नहीं है, तो आवेदक का फोटो लेकर क्षेत्र के पटवारी से सत्यापित कराया जाएगा। पटवारी तीन दिन में आवेदक का फोटो सत्यापित अथवा अमान्य करें। पटवारी द्वारा ऐसा नहीं किए जाने की दशा में फोटो को सही मानकर भू-अधिकार पुस्तिका जारी की जाएगी। आवेदन अमान्य होने या समयसीमा में निराकृत न होने पर आवेदक को अपील का अधिकार होगा। वह 30 दिन में पहली और 60 दिन में दूसरी अपील पेश कर सकेगा। उसका निराकरण 15 दिन में किया जाएगा।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay