Festival Mood: त्‍योहारों के लिए तैयार कपड़ा बाजार, मांगलिक सीजन ने बढ़ाई रौनक, लहंगे, साड़ी और हैंडलूम कपड़े की मांग बढ़ी

Updated: | Mon, 25 Oct 2021 10:16 AM (IST)

Festival Mood: संत हिरदाराम नगर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। प्रदेश भर में प्रसिद्ध बैरागढ़ के कपड़ा बाजार में त्‍योहारों की रौनक नजर आने लगी है। पिछले दो साल से बाजार पर कोरोना संकट हावी था। अब बाजार इससे उबरने लगा है। मांगलिक सीजन में बाजार खुला होने के कारण ग्राहक और व्यापारी दोनों को सुविधा हो गई है। माना जा रहा है कि करवाचौथ से शुरू हुई कारोबारी रौनक दिसंबर माह तक जारी रहेगी। इस दौरान करीब 50 करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है।

कोरोना की पहली एवं दूसरी लहर के कारण बाजार वैवाहिक सीजन में बंद था। लंबे लाकडाउन के कारण व्यापारी परेशान थे। ग्राहकों भी खरीदी नहीं कर पाए। अब ग्राहक भी बाजार आने लग हैं। व्यापारियों ने भरपूर स्टाक किया है। करवाचौथ पर भी अच्छी खरीददारी हुई। इस साल दिसंबर माह तक कई वैवाहिक मुहुर्त हैं। कपड़ा बाजार में मार्च से मई एवं अक्टूबर से दिसंबर तक का समय सीजनल माना जाता है। बाजार की रौनक बता रही है कि सीजन शुरू हो चुका है।

वैवाहिक साड़ियों और लहंगों की मांग

बैरागढ़ बाजार में इस बार वैवाहिक साड़ियों का नया कलेक्शन पहुंचा है। बनारसी, सिल्क, कांजीवरम, नेट की साड़ियों की अच्छी मांग है। व्यापारियों के मुताबिक डिजाइनर लहंगे, वेलवेट-जरी लहंगे, ड्रेस मटेरियल, कुर्ती, लेगिंग की भी अच्छी बिक्री हो रही है। शूटिंग-शर्टिंग में उठाव सामान्य है। बैरागढ़ में फैंसी लहंगे दिल्ली, मंुबई एवं कोलकात्ता से मंगाए जाते हैं। साधारण लहंगे एवं साड़ियां सूरत से आती हैं। बाजार में दो हजार से 50 हजार रुपये तक के लहंगे बिक रहे हैं। 100 रुपये से 10 हजार रुपये तक की साड़ियां भी बिक रही हैंं।

कम मुनाफा, अधिक टर्नओवर की नीति

थोक मंडी होने के कारण व्यापारी कम मुनाफे में काम करते हैं। यही कारण है कि बैरागढ़ का नाम प्रदेश भर में है। व्यापारी कम मुनाफा, अधिक टर्नओवर की नीति पर काम करते हैैं। देश में कोयले और बिजली की कमी का असर कपड़े के भाव पर पड़ा है। कपड़ा 20 फीसद तक महंगा हो चुका है लेकिन वैवाहिक मांग होने के कारण बिक्री पर असर नहीं हुआ है।

डिजाइनर पर्दे और हैंडलूम में भी मांग

दशहरे से दीपावली के बीच लोग घरों में नए पर्दे, सोफा कवर एवं बेडशीट की खरीदी करते हैं। इसका असर नजर आ रहा है। हैंडलूम कपड़े की खूब खरीदी हो रही है। सर्दी दस्तक दे चुके है इसलिए कंबल, शाल एवं मिंक ब्लैंकेट की भी अच्छी मांग है। दो साल बाद हैंडलूम व्यापारियों के चेहरे की मुस्कान लौट आई है। स्कूल खुल गए हैं। बाजार में यूनिफार्म भी अच्छी बिक्री होने की खबर है। शादी-ब्याह के मुहुर्त नजदीक होने के कारण लोग बेडशीट, पिलो कवर एवं ब्लेंकेट खरीद रहे हैं।

देवास से सागर तक जाता है कपड़ा

बैरागढ़ के थोक बाजार से विदिशा, रायसेन, उदयपुरा, सांची, मंडीदीप, होशंगाबाद, इटारसी, सीहोर, टीकमगढ़, सागर आष्टा, देवास सहित आसपास के शहरों एवं कस्बों के फुटकर व्यापारी खरीदी करते हैं। माना जाता है कि इंदौर के बाद बैरागढ़ की कपड़ा मंडी सबसे बड़ी है।

वर्जन

- लंबे लाकडाउन और कोरोना कर्फ्यू के कारण बाजार में सन्न्ाटा था। इस बार सीजन के समय बाजार खुले होने के कारण ग्राहक खरीदी करने निकल रहे हैं। हमने सीजनल स्टॉक किया है। वैवाहिक साड़ियां एवं लहंगे की अच्छी मांग है। दिसंबर माह तक बाजार में अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है।

- जितेंद्र पंजवानी, प्रमुख कपड़ा व्यापारी

- बाजार में फैंसी साड़ियांे एवं वैवाहिक लहंगों की मांग बढ़ी है। भाव में बढ़ोतरी के कारण मुनाफा कम हुआ है लेकिन व्यापारी चाहते हैं कि टर्नओवर अधिक हो। ग्राहकों को प्रतिस्पर्धा का लाभ मिल रहा है। व्यापारी गाइडलाइन का पालन करते हुए कार्य कर रहे हैं।

- दीपक कुमार, थोक साड़ी व्यवसाई

- दीपावली से पहले हर कोई घर को सजाना चाहता है। बेडशीट, पर्दा क्लॉथ, पिलो कवर एवं ब्लैंकेट में अच्छी खरीददारी हो रही है। हैंडलूम कपड़े की मांग दशहरे से दीपावली तक होती है। आजकल शादी-ब्याह में भी लोग बेटियों को हैंडलूम की नई वैरायटी उपहार में दे रहे हैं। बाजार की रौनक बढ़ी है।

- महेश चेलानी, हैंडलूम कपड़ा व्यापारी

-इस बार फसल अच्छी होने के कारण ग्रामीण इलाकों से कपड़े की अव्छी मांग आ रही है। दीपावली के बाद अनेक विवाह होने हैं। वैवाहिक खरीदी शुरू हो गई है। फुटकर व्यापारी स्टॉक कर रहे हैं। यह साल कारोबार के लिहाज से अच्छा होने की संभावना नजर आ रही है।

- नरेंद्र लालवानी, थोक कपड़ा व्यापारी

Posted By: Lalit Katariya