हमीदिया हादसा : 18 दिन बाद नवजात के शव का अंतिम संस्कार, स्वजन को जांच पर नहीं भरोसा

Updated: | Sat, 27 Nov 2021 04:50 PM (IST)

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। हमीदिया अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद मृत नवजात की डीएनए रिपोर्ट तो आ गई, लेकिन स्वजन को जांच पर अभी भी भरोसा नहीं हो रहा है। रिपोर्ट में साफ हो गया है कि मृत नवजात आरोप लगाने वाले दंपती का ही है, लेकिन स्वजन ने आशंका जाहिर की है जांच में कुछ गड़बड़ी हुई है। हालांकि, रिपोर्ट आने के बाद स्वजन ने आठ नवंबर के बाद से मर्च्‍युरी में रखे नवजात के शव का अंतिम संस्कार शुक्रवार को सुभाष नगर विश्राम घाट पर कर दिया है। नवजात की मां को अभी भी नहीं पता है कि जांच रिपोर्ट में मृत नवजात उसी का है। उसे सदमा नहीं लगे, इसलिए कहा गया है कि बच्चा गुम है।

बता दें कि हमीदिया अस्पताल के नवजात शिशु वार्ड में आठ नवंबर को आग लग गई थी। आग की वजह से बागमुगालिया की रहने वाली सोनाली पति अरुण मसाने के नवजात बेटे की मौत हो गई थी। अगले दिन अरुण की रिश्तेदार पूनम ने आरोप लगाया था कि उन्होंने नवजात को देखा। जिस बच्चे का शव उन्हें सौंपा गया है, वह सोनाली का नहीं है। आरोप के बाद पुलिस ने डीएनए जांच के लिए शव को मर्च्‍युरी में रखा दिया था, जिसकी रिपोर्ट गुरुवार आई। पूनम का आरोप है कि पहले पुलिस ने कहा था कि सोनाली का डीएनए मिलान नहीं हो रहा है, इसलिए कुछ दिन बाद नवजात के पिता का भी सैंपल लिया था। अब ऐसा क्या हुआ कि डीएनए मिलान कर गया। उन्होंने कहा कि अब मुआवजा देने के लिए भी प्रशासन इधर-उधर की बात कर रहा है। पुलिस के पास डीएनए रिपोर्ट होने के बाद भी राजस्व अधिकारी मुआवजा देने के लिए नवजात के पिता अरुण से बच्चा उन्‍हीं का होने का सबूत मांग रहे हैं।

Posted By: Ravindra Soni