भोपाल में जलकर का बिल बांटने गए कर्मचारी को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, तो कहीं हुई बदसलूकी

Updated: | Fri, 03 Dec 2021 10:51 PM (IST)

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। भोपाल गैस कांड की 37वीं बरसी पर शुक्रवार भोपाल नगर निगम के कार्यालय खुले रखे गए। सभी वार्ड में जलकर और अन्य प्रापर्टी टैक्स के बिल कर निगम के कर्मचारी लोगों के घरों में पहुंच रहे है इससे लाेग नाराज हो रहे है। यहीं कारण है कि शुक्रवार को राजधानी में जल कर बिल बांटने पहुंचे दो नगर निगम कर्मचारियों के साथ लोगाें ने बदसलूकी कर दी। पहली घटना पंपापुर में तो दूसरी हर्षवर्धन नगर स्थित नगर निगम कार्यालय में हुई।

दरअसल, राजधानी के वार्ड क्रमांक 30 स्थित पंपापुर में शुक्रवार सुबह वार्ड कर्मचारी प्रमोद साहू बिल बांटने गया। इस पर रहवासियों ने प्रमोद साहू से पूछा कि गैस कांड की बरसी का अवकाश होने के बावजूद नगर निगम कार्यालय खुले है। इस पर कर्मचारी ने रहवासियों से कहा कि नगर निगम के सभी दफ्तर खुले है। इस बात से नाराज होकर विरोध स्वरूप कुछ असामाजिक तत्वों ने मिलकर कर्मचारी प्रमोद साहू को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। जब कुछ लोग मिलकर प्रमोद साहूं के पीछे दौड़ने लगे तो उसने जैसे-तैसे वार्ड कार्यालय में घूसकर दरवाजा बंद कर दिया। वार्ड कार्यालय में छिपकर उसने अपनी जान बचाई।

जलकर वसूलने पहुंची नगर निगम की टीम से बदसलूकी, एफआइआर

टीटी नगर के हर्षवर्धन नगर स्थित नगर निगम के कार्यालय पहुंचे एक युवक ने कर्मचारियों के साथ जमकर बदसलूकी की। कर्मचारी उसके घर जलकर की वसूली के लिए पहुंचे थे और जलकर नहीं जमा करने पर नल कनेक्शन काटने की बात कही थी। पुलिस के मुताबिक सतीश सूर्यवंशी नगर निगम में नौकरी करते हैं। वह राहुल नगर में बकाया जलकर वसूलने के लिए टीम के साथ पहुंचे थे। । इस दौरान टीम राकेश पाटिल के घर पहुंची। उसका पुराना पानी का बिल बकाया था। उसे बिल जमा करने की हिदायत दी गई। ऐसा नहीं करने पर कनेक्शन काटने की बात कहकर टीम लौट आई। टीम के लौटने के बाद गुस्से में राकेश पाटिल दफ्तर पहुंच गया और वहां जमकर हंगामा किया। पुलिस ने राकेश के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कर लिया है।

स्थानीय अवकाश के बावजूद खुले निगम के कार्यालय, मानव अधिकार आयोग तक पहुंचा मामला

भोपाल गैस कांड की 37वीं बरसी पर शुक्रवार भोपाल नगर निगम के कार्यालय खुले रखे गए। इसको लेकर मानव अधिकार आयोग तक शिकायत पहुंच गई है। कुछ कर्मचारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है और कहा है कि भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की भीषणतम त्रासदी में शामिल है इस दिन स्थानीय अवकाश रहता है। उसके बावजूद निगम के कार्यालय खोले गए थे यह ठीक नहीं है। इस मामले में आयोग ने संज्ञान लिया है और निगम आयुक्त काे पत्र लिखकर छह दिसंबर के पूर्व प्रतिवेदन मांगा है।

Posted By: Lalit Katariya