ग्रामीण इलाके में माध्यमिक शाला में पदस्थ सरकारी शिक्षक बना भू-माफिया

Updated: | Sat, 27 Nov 2021 05:03 PM (IST)

भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। भू-माफिया। यह शब्द सुनते ही सभी के सामने एक ऐसी छवि सामने आ जाती है जो जमीनों पर कब्जा, अतिक्रमण या अपने रसूख का उपयोग कर सरकारी और गैर सरकारी जमीनें हथिया लेता है। ऐसे ही एक भू-माफिया की शिकायत इन दिनों कलेक्टर कार्यालय से लेकर तहसीलदार कार्यालय तक चक्कर काट रही है, लेकिन कोई भी उचित कार्रवाई करने से बच रहा है।

दरअसल, राजधानी के हुजूर तहसील क्षेत्र में स्‍थित पुरा छिंदवाड़ा नामके गांव का एक सरकारी शिक्षक जो कि तारासेवनिया गांव की माध्यमिक शाला में पदस्थ है, वह गांव के लोगों को डरा-धमकाकर उनकी जमीने हथिया रहा है। हैरत तो इस बात की है कि शासकीय पद पर पदस्थ होने के बावजूद इस शिक्षक ने खुद 30 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर लिया है। यह जमीनें ग्रामीणों को पट्टा वितरित किए जाने और ग्रामीणों के निस्तार की है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव का हर दूसरा गरीब व्यक्ति इस शिक्षक से परेशान है। वह लोगों से अड़ीबाजी करता है और मोटा वेतन मिलने पर सबको खरीद लेने की धामकियां भी देता है। इस तरह करीब 60 एकड़ से अधिक जमीन पर इस भू-माफिया द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। खास बात तो यह है कि इस भू-माफिया शिक्षक के खिलाफ पुरा छिंदवाड़ा के लोगों द्वारा 50 से अधिक बार थाना प्रभारी से लेकर कलेक्टर तक शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन बेरहम प्रशासन की कानों में जूं तक नहीं रेंगी।

ग्रामीणों का आरोप, फर्जी सील और साइन भी कर लेता है शिक्षक

ग्रामीणों ने बताया कि तहसीलदार, आरआइ, पटवारी से लेकर अन्य अधिकारियों की सील (मुहर) भी इस शिक्षक के पास मौजूद है, जिससे वह किसी के भी दस्‍तखत कर जमीन अपने नाम करवा लेता है। बताया जा रहा है कि हुजूर तहसील में पदस्थ कुछ अफसरों से मिलीभगत होने के कारण पूरे गांव में यह शिक्षक खुलेआम जमीनों पर कब्जा कर रहा है। भू-माफिया पर इतनी कार्रवाई प्रशासन द्वारा की जाती है, लेकिन इस शिक्षक पर कोई कार्रवाई आज तक नहीं हो पाई है, जबकि गांव के गरीब इसके कारण परेशान रहते है।

गांव में एक आदिवासी महिला पास पांच एकड़ जमीन थी, जिस पर वह खेती कर अपने परिवार का गुजर-बसर करती थी। लेकिन आरोपित शिक्षक ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया। यह सरकारी जमीन थी, जो कि आदिवासियों को दी जाती है। इसकी शिकायत कई बार की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

Posted By: Ravindra Soni