मां सिद्धेश्वरी शक्तिपीठ मंदिर बरखेड़ा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की बांटी खुशियां, श्रद्धालुओं ने किया नृत्य

Updated: | Sun, 05 Dec 2021 06:43 AM (IST)

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। ऋषिपुरम् मां सिद्धेश्वरी शक्तिपीठ मंदिर बरखेड़ा में चल रही संगीतमय भागवत कथा में शनिवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। आकर्षक झांकी सजाई गई। महिलाओं ने बधाई गीत गाए। माखन मिश्री वितरित की गई। श्रद्धालुओं ने कृष्ण जन्मोत्सव की खुशियां नृत्य करके मनाई। झांकी में एक बालक को श्रीकृष्ण के वेष में तैयार किया गया था। इस प्रसंग के दौरान पूरा आयोजन स्थल नंद घर आनंद भयो के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्तिमय नृत्य किया और पुष्पवर्षा की। मुकेश महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि कृष्ण जन्म के बाद भगवान श्रीकृष्ण मथुरा से गोकुल यशोदा के यहां पहुंचे। यशोदा का अर्थ होता है, यशो ददाती अर्थात जो दूसरों को यश प्रदान करे, दूसरों को मान, सम्मान दे वहीं यशोदा है। प्राय: यही होता है कि यदि कोई काम बन जाता है, तो लोग कहते हैं कि यह काम हमारी मेहनत से बना है और यदि बिगड़ जाता है तो हम दूसरों को दोष देते हैं। जो दूसरो को यश देते हैं, भगवान उनके घर में बिना बुलाए पहुंच जाते हैं। इधर श्यामला हिल्स िस्थत तुलसी मानस प्रतिष्ठान के प्रतिष्ठा पुरूष पंडित गोरेलाल शुक्ल स्मृति समारोह के तहत पंडित रामकिंकर सभागार में रामकथा के तीसरे दिन समापन हुआ। पंडित उमाशंकर व्यास ने प्रवचन में कहा कि अपने सत्कर्म प्रभु को समर्पित करें। यही शास्त्रों का सिद्धांत है। इस संसार में व्यक्ति कर्म करने के लिये तो स्वतंत्र है। उन्होंने चौपाई के जरिए से बताया कि कर्म के फल का परिणाम तो उसे ईश्वर द्वारा ही प्राप्त होता है, इसलिए हमें सत्कर्म करना चाहिए। इस मौके पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

Posted By: Lalit Katariya