Madhya Pradesh CM Rise School: तीन मंजिला होंगे सीएम राइज स्कूल, पैदल और वाहन से आने वाले बच्चों के लिए अलग-अलग द्वार

Updated: | Wed, 27 Oct 2021 08:20 PM (IST)

Madhya Pradesh CM Rise School: भोपाल(राज्य ब्यूरो)। सुविधा और पढ़ाई की दृष्टि से निजी स्कूलों की बराबरी के लिए मध्य प्रदेश में तैयार किए जा रहे सीएम राइज स्कूलों की डिजाइन अगले दो से तीन माह में तैयार हो जाएगी। ये स्कूल तीन से चार मंजिला होंगे और इनमें पैदल और वाहनों से आने वाले बच्चों के लिए अलग-अलग द्वार होंगे। ऐसा बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से किया जा रहा है। बुधवार को राजधानी के एक होटल में सीएम राहज स्कूज की डिजाइन को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें बैंकाक, नई दिल्ली, कोलकाता सहित देश के विभिन्न् क्षेत्रों में काम कर रही कंपनियों के 45 वास्तुविद (आर्किटेक्ट) शामिल हुए। स्कूल शिक्षा विभाग ने वास्तुविदों से दो महीने में स्कूल की डिजाइन और डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) मांगी है।

राज्य सरकार पहले चरण में प्रस्तावित 350 स्कूलों के भवन वर्ष 2023 तक तैयार करना चाहती है। इसलिए विभाग ने जून से सितंबर 2023 तक भवन तैयार कराने का लक्ष्य रखा है। इसी को देखते हुए वास्तुविदों से दो महीने में डिजाइन और डीपीआर मांगी गई है। हालांकि वास्तुविदों की अपनी दिक्कत है। कार्यशाला में मौजूद ज्यादातर वास्तुविदों ने डिजाइन और डीपीआर के लिए तीन से चार महीने का समय मांगा है।

यहां विभाग के अधिकारियों ने सीएम राइज स्कूल की कल्पना वास्तुविदों के सामने रख दी है और उनसे उस आधार पर डिजाइन तैयार करने को कहा है। अधिकारियों ने बताया कि स्कूल में बेवजह जगह न छोड़ी जाए और हर तल पर खुली जगह होना चाहिए। ताकि कक्षाएं बढ़ाना हो या कुछ और जरूरत हो, तो फिर तोड़फोड़ एवं नया निर्माण न करना पड़े। अधिकारियों ने कहा है कि तीन मंजिला भवन रखा जा सकता है, पर वह चौथी मंजिल बनाने के हिसाब से भी हो। ताकि भविष्य में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने पर ऊपर निर्माण किया जा सके।

वास्तुविदों को बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर पैदल या साइकिल से आने वाले और वाहन से आने वाले विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग रास्ते रखने को भी कहा गया है। वहीं उन्हें यह भी कह दिया है कि आदिवासी बहुल 89 विकासखंडों में बनाए जा रहे स्कूलों में आदिवासी कला की छाप दिखाई देनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि कार्यशाला में स्कूल शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, पुलिस, एप्को सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

मैनिट और एसपीए करेगा डिजाइन का परीक्षण

वास्तुविदों को यह भी बता दिया गया है कि वे जो डिजाइन और डीपीआर तैयार करेंगे, उस पर कोई अंतिम निर्णय लेने से पहले स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) और मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) भोपाल से स्कूल के डिजाइन और डीपीआर का बारीकी से परीक्षण कराया जाएगा। विभाग बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता है।

9200 स्कूल बनाए जाएंगे

योजना के तहत प्रदेश में 9200 सीएम राइज स्कूल बनाए जाने हैं। जिनमें से पहले चरण में 350 स्कूल वर्ष 2023 तक तैयार होंगे। संकुल, विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर तैयार होने वाले ये स्कूल अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के मुताबिक होंगे। अंग्रेजी और हिंदी माध्यम से संचालित प्रत्येक स्कूल पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। संभाग स्तरीय स्कूल में स्वीमिंग पूल, लाइब्रेरी, इनडोर-आउटडोर खेलकूद की सुविधा, बच्चों के लिए परिवहन सुविधा, प्रयोगशालाएं, स्मार्ट कक्षाएं, कला और संगीत कक्षाओं सहित अन्य सुविधाएं होंगी। प्रत्येक स्कूल में 10 किलो मीटर की परिधि के विद्यार्थियों को लाकर पढ़ाया जाएगा।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay