Madhya Pradesh News: तीन महीने में निकायों की रैंकिंग और माहौल नहीं सुधरा, तो बदल दिए जाएंगे आयुक्त एवं सीएमओ

Updated: | Thu, 23 Sep 2021 09:17 PM (IST)

भोपाल(राज्य ब्यूरो)। तीन महीने में निकायों की रैकिंग और माहौल में सुधार न लाने वाले आयुक्त और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीएमओ) सहित अन्य अधिकारी बदल दिए जाएंगे। ये बात नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कही। वे 'स्वच्छता की बुनियाद" अभियान के तहत गुरुवार को राजधानी में आयोजित नगरीय निकायों के सम्मान समारोह में बोल रहे थे। मंत्री, अधिकारियों के नियम और प्रविधान के ज्ञान को लेकर खफा नजर आए। उन्होंने कहा कि कई अधिकारी नियम-प्रविधान नहीं जानते। ऐसे अधिकारियों को उन्होंने काम सुधारने की नसीहत दी है। मंत्री ने साफ कहा कि जिन निकायों में माहौल ठीक नहीं है, वहां सब को बदल देंगे। वहीं अच्छी रैंकिंग आने पर अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति में प्राथमिकता भी देंगे।

मंत्री ने कहा कि निकायों के कार्यों का मूल्यांकन हर तीन माह में होने वाली प्रदेश स्तरीय रैंकिंग से होगा। अधिकारियों के कामकाज पर नगरीय प्रशासन की सीधी नजर रहेगी। उन्होंने रैंकिंग में पिछड़े पांच नगरीय निकायों के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि बेहतर काम न करने वाले निकायों में बदलाव होगा। जनता हम से ही अपेक्षा करती है। अपेक्षा पर खरा उतरना होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण के अलावा भी निकायों में काम हैं। उन पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। लोगों को समग्र विकास की दरकार है। अधिकारियों को सीख देते हुए मंत्री ने कहा कि निकायों के काम को काम की तरह नहीं, मानवता का फर्ज समझकर करना चाहिए। ज्ञात हो कि विभाग संभाग स्तरीय रैंकिंग बंद कर रहा है। अब राज्य स्तरीय रैंकिंग होगी।

कचरा प्रबंधन की सीख लेने आंध्रप्रदेश जाएंगे अधिकारी

नगरीय विकास के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचार और विकास कार्यों को देखने अधिकारियों की टीम देश के अन्य राज्यों में भेजी जाएगी। इस टीम की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश में योजनाओं के क्रियान्वयन पर विचार किया जाएगा। कार्यक्रम में बताया गया कि कचरा संग्रहण में आंध्रप्रदेश ने अनुकरणीय काम किया है।

दो अक्टूबर से अमृत और स्वच्छ भारत मिशन चरण-दो

मंत्री ने कहा कि दो अक्टूबर से अमृत एवं स्वच्छ भारत मिशन चरण-दो शुरू हो रहा है। जल जीवन मिशन शुरू हो चुका है। अभी निकाय पहले से परियोजनाएं तैयार कर लें।

कठिनाइयों को दूर करने कार्यशाला

मंत्री ने कहा कि निकायों में सामने आ रही जमीनी कठिनाईयों को दूर करने के लिए अधिकारियों की कार्यशाला करेंगे। उनसे सुझाव लेंगे।

फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट में छिंदवाड़ा प्रथम

नगरीय विकास एवं आवास विभाग के मंत्री भूपेंद्र सिंह ने पिछले तीन महीनों की रैंकिंग के आधार पर निकायों को पुरस्कृत किया। विभाग ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन नगर निगमों को इस श्रेणी से बाहर रखा है। राज्य स्तर पर नगर निगम श्रेणी में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) में छिंदवाड़ा पहले, खंडवा दूसरे और सागर तीसरे स्थान पर रहा है। जबकि मटेरियल रिकवरी फेसिलिटी (एमआरएफ) में सिंगरौली पहले, रतलाम दूसरे और देवास तीसरे स्थान पर है। कम्पोस्टिंग इकाई में सिंगरौली पहले, छिंदवाड़ा दूसरे और रतलाम तीसरे स्थान पर है।

नगर पालिका श्रेणी में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट में पांढुर्ना और पीथमपुर को पहली, अशोकनगर दूसरी और नागदा को तीसरी रैंक मिली है। मटेरियल रिकवरी फेसिलिटी में नरसिंहपुर को पहली, धनपुरी एवं पीथमपुर को दूसरी तथा दमुआ को तीसरी, कम्पोस्टिंग इकाई में खाचरोद को पहली, दमुआ को दूसरी और छतरपुर को तीसरी रैंक मिली है।

नगर परिषद श्रेणी में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट में सैलाना को पहली, शाहगंज को दूसरी और पिपलिया मंडी को तीसरी, मटेरियल रिकवरी फेसिलिटी में शाहगंज को पहली, पिपलिया मंडी को दूसरी और मुंगावली को तीसरी और कम्पोस्टिंग इकाई में सैलाना को पहली, अथाना को दूसरी और पिपलिया मंडी को तीसरी रैंक मिली है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay