Madhya Pradesh News: अब निजी कॉलेज साल भर मान्यता और नवीनीकरण के लिए कर सकेंगे आवेदन

Updated: | Sat, 16 Oct 2021 05:48 PM (IST)

Madhya Pradesh News:भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)।अब उच्च शिक्षा विभाग का पोर्टल कालेजों की मान्यता एवं मान्यता नवीनीकरण के लिए सालभर खुला रहेगा। कालेज संचालक सालभर आवेदन कर सकेंगे। कालेज संचालक नए कालेज खोलने एवं पुराने कालेज की मान्यता का नवीनीकरण कराने के लिए 30 सितंबर 2022 तक आवेदन कर सकते हैं। विभाग ने इसके लिए दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इस संबंध में विभाग ने आदेश दिए हैं कि कालेज संचालक यदि तय तारीख तक आवेदन के साथ मान्यता शुल्क जमा नहीं करते हैं तो उन्हें एनओसी जारी नहीं की जाएगी। उच्च शिक्षा मंत्री ने भी पिछले दिनों निजी कालेजों को सालभर मान्यता देने की घोषणा की थी। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने मार्गदर्शिका जारी कर दी है। अभी तक विभाग द्वारा एक निश्चित अवधि तक के लिए ही पोर्टल खोला जाता था। इस कारण कई कालेज तय समय सीमा में आवेदन नहीं कर पाते थे। इसके बाद कालेज संचालकों को मान्यता नवीनीकरण के लिए सालभर इंतजार करना पड़ता था। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि मान्यता का कार्य अगर सालभर होगा तो प्रदेश में निजी कालेजों की संख्या बढ़ेगी। अगर सालभर पोर्टल पर आवेदन अपडेट करने की सुविधा होगी तो कालेज संचालकों का मान्यता नवीनीकरण के लिए साल भर इंतजार करना होता था। बता दें, कि सत्र 2021-22 के लिए पोर्टल पर 46 आवेदन मिले थे। इनमें से 27 को कालेज खोलने के लिए एनओसी जारी की थी। 19 के दस्तावेज अपूर्ण होने के कारण उन्हें अमान्य कर दिया गया था। वहीं राजधानी में कालेज खोलने के लिए सात आवेदन प्राप्त हुए थे। इसमें से तीन को अमान्य कर दिया गया था। वहीं चार आवेदकों को स्वीकार करते हुए कालेज खोलने की स्वीकृति दी गई थी। दस्तावेज पूर्ण ना होने सहित अन्य कारणों से जिन कालेज के आवेदन विभाग ने निरस्त कर दिए थे, वे अब अवेदन कर सकते हैं।

निरीक्षण भी किया जता है

विभाग द्वारा नए कालेज, नई संकाय, पाठ्यक्रम और सीटों में बढ़ोतरी विश्वविद्यालय के मापदंडों का पालन कराने के लिए निरीक्षण कराया जाता है। इसमें विभाग और विश्वविद्यालय ती तरफ से एक-एक टीम कालेज पहुंचकर निरीक्षण करेगी। पिछले साल कोरोना संक्रमण के कारण कालेजों के निरीक्षण पर विभाग ने रोक लगा दी थी, लेकिन इस साल से निरीक्षण होंगे। सत्र 2020-21 में मार्च में विभाग को 14 प्रस्ताव मिले थे, लेकिन मार्च में लाकडाउन के कारण विभाग ने इन प्रस्तावों को खारिज कर दिया था।

Posted By: Lalit Katariya