Madhya Pradesh News: दूसरे दिन भी हड़ताल पर डटे आउटसोर्स बिजलीकर्मी, विभाग ने मंगवाई जानकारी, हो सकते हैं बर्खास्‍त

Updated: | Tue, 28 Sep 2021 11:20 AM (IST)

भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। आउटसोर्स बिजलीकर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी है। इन्हें जिलों के विद्युत विभाग में पदस्‍थ एसई और डीई द्वारा मनाने की कोशिशें की गईं, जो विफल है। ये सरकार से आउटसोर्स कंपनियों को हटाने ओर सीधे बिजली कंपनियों द्वारा भर्ती किए जाने की मुख्य मांग पर अड़े हैं। इसके अलावा भी इनकी कुछ और मांगें वर्षों से लंबित हैं, जिनको लेकर सोमवार से हड़ताल शुरू की है।

आउटसोर्स कर्मियों की हड़ताल के चलते पहले ही दिन कामकाज काफी प्रभावित हो चुका है। राजस्व वसूली प्रभावित है। उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण रूक गया है। जिन जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है, वहां दुरुस्‍त करने में समय लग रहा है। हड़ताल आगे चली तो परेशानियां बढ़नी तय है। इस बात का आभास बिजली कंपनियों और उर्जा विभाग को हो चुका है। इसके बाद सोमवार शाम को ही बिजली कंपनियों ने अपने-अपने क्षेत्र के जिलों से हड़ताल करने वाले आउटसोर्स बिजलीकर्मियों की जानकारी मंगा ली है। यदि कर्मचारी शाम तक काम पर नहीं लौटे तो निलंबन और बर्खास्त करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

वहीं आउटसोर्स बिजली कर्मचारी संगठन के संयोजक मनोज भार्गव का कहना है कि सोमवार शाम से ही अधिकारियों ने निलंबन/बर्खास्तगी की धमकी देना शुरू कर दिया है। भोपाल के ग्रामीण क्षेत्रों के कर्मचारियों को भी हड़ताल से लौटने की नसीहत दी थी। ग्वालियर के विनय नगर जोन से 12 कर्मचारियों को बर्खास्त करने के मौखिक निर्देश दिए थे। प्रदेश भर में जगह-जगह दबाव बनाया जा रहा है, ताकि कर्मचारी हड़ताल न करें और काम पर वापस लौट आएं।

मनोज भार्गव ने संगठन की तरफ से मांग रखी कि आउटसोर्स कर्मचारियों को कंपनी रखें, आउटसोर्स कंपनियों को हटा दें, वे जबरन बीच में कमीशन ले रही हैं। इतनी राशि बचेगी तो उसका फायदा सरकार और बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों को मिलेगा। इन आउटसोर्स कंपनियों को हर माह करोड़ों रुपये कमीशन के तौर पर भुगतान किया जा रहा है। ये इन कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों के बोनस, ईपीएफ की राशि रोकी है। ऐसी कंपनियों पर कार्रवाई की जाए। काम के दौरान जिन कर्मचारियों की मौतें हुई हैं, उन्हें शहीद का दर्जा मिले, उनके आश्रित परिजन को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। आउटसोर्स कर्मियों का वेतन बहुत ही कम है, जो कि श्रम नियमों के खिलाफ है। कम से कम सम्मानजनक वेतन दिया जाए। काम का अतिरिक्‍त बोझ डाला जा रहा है, वसूली करने के कामों में लगाया जा रहा है जो कि आउटसोर्स कर्मचारियों का काम नहीं है फिर भी लक्ष्य दिए जा रहे हैं। जो वसूली नहीं करते हैं, उनके साथ अधिकारी अभद्रता करते हैं। इन सभी समस्याओं का निराकरण नहीं होने तक हड़ताल जारी रहेगी।

Posted By: Ravindra Soni