Medical PG Exam: पांचवी बार टली मेडिकल पीजी परीक्षा, सुपर स्पेशियलिटी के लिए प्रवेश परीक्षा तक नहीं दे पाए छात्र

Updated: | Sun, 25 Jul 2021 08:58 AM (IST)

Medical PG Exam: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। हर साल मार्च-अप्रैल में होने वाली मेडिकल पीजी की मुख्य परीक्षा इस साल अभी तक नहीं हो पाई है। मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ने पांचवीं बार परीक्षा की तारीख को आगे खिसका दिया है। यह परीक्षा इसी महीने शुरू होने वाली थी, जिसे एक बार फिर टाल दिया गया है। फिलहाल यह तय नहीं है कि परीक्षा कब होगी। बार-बार परीक्षा टलने से मेडिकल पीजी की पढ़ाई कर रहे फाइनल ईयर के छात्रों में तनाव और गुस्‍सा बढ़ रहा है। उनका कहना है कि प्रदेश के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ही मेडिकल पीजी की पढ़ाई होती है। सभी जगह मिलाकर अधिक से अधिक करीब 600 छात्र होंगे। इसके बाद भी विश्वद्यालय परीक्षा नहीं करा पा रहा है। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय को उनकी फिक्र नहीं है, जबकि बार-बार परीक्षा टालने से उनका करियर प्रभावित हो रहा है। विश्वविद्यालय अभी तक कोरोना का बहाना बनाकर परीक्षा टाल रहा था, लेकिन अब तो कोरोना का संक्रमण भी लगभग ना के बराबर है। ऐसे में परीक्षा कराने में आखिर क्‍या दिक्‍कत है?

परीक्षा नहीं होने की वजह से छात्रों का सबसे बड़ा नुकसान यह हो रहा है कि वह सुपर स्पेशियलिटी कोर्स जैसे एमसीएच और डीएम की लिए प्रवेश परीक्षा में नहीं बैठ पाए हैं। ज्यादातर संस्थानों में यह परीक्षाएं हो चुकी हैं। छात्रों ने बताया कि लगभग सभी प्रदेशों में पीजी की अंतिम वर्ष की परीक्षा पूरी हो चुकी है। मध्यप्रदेश में भी निजी मेडिकल कॉलेजों की परीक्षा हो चुकी है।

प्रवेश परीक्षा नहीं होने से दूसरा बड़ा नुकसान यह भी होगा कि मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों को सीनियर रेजीडेंट डॉक्‍टर ही नहीं मिल पाएंगे। वजह, पीजी अंतिम वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले डॉक्टरों को ही सीनियर रेजीडेंट बनाया जाता है। सेंट्रल जूडा के प्रेसिडेंट डॉक्टर अरविंद मीणा ने कहा है कि आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय को जल्दी से जल्दी परीक्षा लेनी चाहिए।

Posted By: Ravindra Soni