MP Higher Education News: कोरोना काल में योग व पोषाहार विषय बने कॉलेज विद्यार्थियों के पसंदीदा पाठ्यक्रम

Updated: | Tue, 28 Sep 2021 02:20 PM (IST)

अंजली राय, भोपाल। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए योग को हर किसी ने अपनी दिनचर्या में शामिल किया है। योग शिक्षकों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। साथ ही पोषण और आहार को लेकर भी लोगों में जागरूकता बढ़ी है। कुछ ऐसा ही जैविक फल-सब्जियों की मांग के कारण जैविक खेती में लोगों की रुचि बढ़ी। यही कारण है कि अभी कालेज विद्यार्थी योग, पोषण और आहार विज्ञान, जैविक खेती और व्यक्तित्व विकास जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को लेने में रुचि दिखा रहे हैं।

इस साल से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कालेज के विद्यार्थियों को रोजगार से जोड़ने हेतु व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए वोकेशनल कोर्स में से एक विषय लेना अनिवार्य किया गया है। इसमें 52 व्यावसायिक विषय शामिल हैं। इसमें प्रदेश के करीब 86 हजार 495 विद्यार्थियों ने योग को चुना है। इसके बाद 80 हजार 104 ने जैविक खेती, पर्सनालिटी डेवलपमेंट विषय को 77 हजार 833 विद्यार्थियों ने पसंद किया है।

विद्यार्थियों को इस तरह लेना है विषय

यूजी प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को एक मुख्य विषय, एक गौण विष्ाय, एक वैकल्पिक विषय, एक व्यावसायिक और इंटर्नशिप व फील्ड प्रोजेक्ट भी करना अनिवार्य है। इसके अलावा इस बार विद्यार्थी चाहे तो अपने संकाय के अलावा अतिरिक्त किसी अन्य संकाय से भी विषय का चयन कर सकता है।

श्रीरामचरितमानस पढ़ने में 326 विद्यार्थियों की रुचि

वैकल्पिक विषय में रामचरित मानस को शामिल किया गया है। इसके लिए रामचरित मानस का व्यावहारिक दर्शन नाम से सिलेबस तैयार है। इस बार 326 विद्यार्थियों ने रामचरित मानस को पढ़ने में रुचि दिखाई है। वहीं वैकल्पिक कोर्सों की सूची में प्रदेश्ा की संगीत विरासत को भी शामिल किया गया है। इसमें 129 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इसमें विद्यार्थियों को मैहर घराना, प्रख्यात सरोद वादक अमजद अली खान, गंुदेचा बंधु सहित अन्य संगीतकारों के बारे में पढ़ाया जाएगा।

सबसे अधिक इन कोर्स में प्रवेश

योग - 86,495

जैविक खेती- 80,104

व्यक्तित्व विकास-77, 833

सूचना प्रौद्योगिकी -28,201

डिजिटल मार्केटिंग- 22,511

पोषण और आहार विज्ञान- 21,141

टूरिज्म - 17,879

वेब डिजाइनिंग-17,777

जीएसटी के साथ ई-अकाउंटिंग और कराधान विषय - 17,514

मेडिकल डायग्नोस्टिक-14,627

इन कोर्स में कम प्रवेश

मप्र में उर्दू गजल - 6

उर्दू जुबान - 8

मप्र के संगीत विरासत-129

रामचरितमानस -326

भारतीस संगीत का सामान्य अध्ययन-504

मप्र के लोकनृत्यों का सामान्य परिचय-1812

भारत में विरासत प्रबंधन- 945

हाउस कीपिंग -289

मोटरवाहन - 1257

ब्यूटी एंड वैलनेस -1379

कोरोना काल में अभी योग, पोषण आहार और जैविका खेती की ओर हर किसी का झुकाव बढ़ा है। इस कारण युवाओं ने रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए इन विषयों का चयन किया है।

- डीएस राय, शिक्षाविद

Posted By: Ravindra Soni