मप्र के मंत्री अपनी छवि सुधारें, जनता के बीच जाएं तो अहंकार न झलके : भाजपा राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष

Updated: | Mon, 29 Nov 2021 07:51 PM (IST)

छह मंत्री बैठक में नहीं पहुंचे, जो पहुंचे, वह भी विलंब से आए, नाराज हुए दिग्गज

राज्य ब्यूरो, भोपाल। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने सोमवार को अपने तीन दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कैबिनेट के मंत्रियों के साथ बैठक की। कुछ मंत्रियों के निर्धारित समय से न पहुंचने पर संतोष ने नाराजगी भी जाहिर की और कहा कि जब संगठन की बैठक में ही आप समय पर नहीं आए हैं तो अन्य कार्यक्रम में कैसे समय का पालन करते होंगे।

मंत्रियों को उन्होंने दो टूक समझाइश भी दी कि वे जनता के बीच जाएं तो अहंकार न झलके, इस बात का विशेष ध्यान रखें। कार्यकर्ताओं के साथ मेल-जोल में भी मंत्री ठसक में रहें। गंभीरता से उनकी बात सुनें और समस्या का समाधान कराएं।

दीनदयाल परिसर में आयोजित बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ पार्टी के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत, सह संगठन मंत्री हितानंद व प्रदेश महामंत्री कविता पाटीदार उपस्थित थीं। बैठक में संतोष ने मंत्रियों का मार्गदर्शन किया कि संगठन की उनसे क्या अपेक्षाएं हैं।

उन्होंने कहा कि वे जहां भी जाएं, तो कार्यकर्ताओं से मुलाकात के लिए अलग से समय निकालें। पार्टी कार्यालय जाकर बैठक लें। स्थानीय पदाधिकारियों से बातचीत कर जिले और विभाग की समस्याओं को समझने का प्रयास करें। किसी भी कार्यकर्ता या कमजोर वर्ग के हितग्राही के यहां भोजन करें। बूथ से मंडल और जिले से प्रदेश स्तर पर संगठन को मंत्रियों से अपेक्षाएं हैं, उन्हें अवश्य पूरा करें। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि राजधानी में रहें तो पार्टी कार्यालय में भी समय दें।

इसके बाद मंत्रियों से भी उन्होंने पूछा कि संगठन से आपको क्या अपेक्षाएं हैं, हमें बताएं। संगठन को सरकार के मंत्रियों से जो अपेक्षाएं हैं उन्हें भी हर हाल में पूरा करना है। संगठन के साथ कोई मनमुटाव हो जाए तो भी इसे लंबा नहीं चलने दें। उन्होंने मंत्रियों से उनके विभाग की उपलब्धियों की जानकारी भी ली।

नसीहत भी दी

मंत्रियों के साथ बैठक में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री ने यह भी चेताया कि कोई कितना भी बड़ा नेता क्यों ना हो, संगठन के लिए एक आम कार्यकर्ता ही है। संगठन और सरकार के साथ बेहतर तालमेल के साथ काम करें। जनता के बीच अपनी छवि ठीक बना लो, अभी वक्त है वरना पांच साल में एक बार जनता के बीच जाना ही पड़ता है और फिर परिणाम भी भुगतना पड़ता है।

विभाग में क्या चल रहा है, अपडेट रहें

संतोष ने कहा कि विभाग में क्या चल रहा है, मंत्री को इसकी पूरी जानकारी होना चाहिए। ज्यादा से ज्यादा अध्ययन करें ताकि अधिकारी को आप मार्गदर्शन दें। उसमें विशेषज्ञता का भाव होना चाहिए।

ये मंत्री नहीं आए

आदिवासी वर्ग से मंत्रियों में सिर्फ मीना सिंह ही बैठक में आईं। वन मंत्री विजय शाह, खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहू लाल सिंह, प्रेम सिंह पटेल नहीं आए। ओपीएस भदौरिया और कमल पटेल दोनों ने व्यस्तता की सूचना संगठन को दी थी।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay