MP News: राज्य शिक्षा सेवा संवर्ग ने अध्यापकों को किया सुविधाओं से वंचित

Updated: | Tue, 19 Oct 2021 07:05 PM (IST)

MP News: भोपाल ( नवदुनिया प्रतिनिधि)। शासन ने साल 2018 में अध्यापक संवर्ग का राज्य शिक्षा सेवा कैडर में संविलियन किया गया। शिक्षा विभाग में संविलियन, समान पदनाम एवं सेवा शर्तों की मांगों को लेकर 22 वर्षों से संघर्षरत अध्यापकों को जुलाई 2018 में आशा की किरण जाग्रत हुई कि राज्य शिक्षा सेवा संवर्ग में शामिल होने के बाद उनकी लंबित समस्याओं का निराकरण हो जाएगा। उनकी वर्षों से नियमित शिक्षक संवर्ग के समान शिक्षा विभाग की सेवा शर्तें एवं सुविधाओं का लाभ प्रदान होने लगेगा, लेकिन जुलाई 2018 से लागू राज्य शिक्षा सेवा संवर्ग में अध्यापक संवर्ग का संविलियन के स्थान पर नियुक्ति मिलने से 20 वर्षों से संघर्षरत अध्यापको की आशा निराशा में बदल गई, क्योंकि नये केडर की विसंगति पूर्ण सेवा शर्तों ने अध्यापकों की वरिष्ठता, पदोन्नति, क्रमोन्नति, ग्रेच्युटी, पेंशन जैसी सुविधाओं पर ग्रहण लगा दिया है। मप्र शासकीय अध्यापक संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने बताया कि राज्य शिक्षा सेवा संवर्ग में अध्यापक संवर्ग का नियुक्ति के स्थान पर संविलियन किया जाता तो वरिष्ठता, पदोन्नति, क्रमोन्नति, ग्रेच्युटी, परिवार पेंशन इत्यादि सुविधाओं से वंचित नहीं होना पड़ता, लेकिन विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री की घोषणा के विरुद्ध शिक्षा विभाग में संविलियन के स्थान पर जुलाई 2018 से नए कैडर में नियुक्ति कर देने से अध्यापकों के भविष्य के सामने संकट खड़ा हो गया है। अब अध्यापक अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। शासन से निराश अध्यापकों ने राज्य शिक्षा सेवा संवर्ग की विसंगति पूर्ण सेवा शर्तों के खिलाफ हाईकोर्ट जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर में याचिकाएं दायर कर नियुक्ति के स्थान पर संविलियन करने, प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता, वेतन विसंगतियों में सुधार, परिवार पेंशन के लिए न्यायालय में न्याय की गुहार लगाई है। जुलाई 2018 से नए कैडर में नियुक्ति होने के बाद भी विगत तीन वर्षों में दिवंगत एवं सेवानिवृत्त अध्यापकों को ग्रेच्युटी, पेंशन इत्यादि सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिल सका जिसके कारण उनके आश्रित परिवारों को अनेकों आर्थिक समस्याओं के कारण दर-दर की ठोकरें खाने को विवश होना पड़ा रहा है। शासकीय अध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री से मांग है कि राज्य शिक्षा सेवा संवर्ग में नियुक्ति शब्द के स्थान पर संविलियन कर अध्यापक संवर्ग की वर्षों पुरानी शिक्षा विभाग में संविलियन की मांग पूर्ण की जाए।

Posted By: Lalit Katariya