भोपाल में अब बैरागढ़ सिविल अस्‍पताल में भी भर्ती हो सकेंगे कोविड के मरीज

Updated: | Thu, 02 Dec 2021 02:40 PM (IST)

भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रशासन व स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने इंतजाम तेज कर दिए हैं। राजधानी भोपाल में भी विभिन्‍न अस्‍पतालों को इस लिहाज से तैयार किया जा रहा है कि जरूरत पड़ने में उनमें कोरोना मरीजों को भर्ती किया जा सके। इसके लिए आक्‍सीजन आपूर्ति की व्‍यवस्‍था भी सुनिश्‍चित की जा रही है। कोरोना की दूसरी लहर के समय बैरागढ़ अस्पताल में एक भी कोविड मरीज को भर्ती नहीं किया जा सका था, क्योंकि यहां कोविड विंग नहीं बन सका था। स्वास्थ्य विभाग ने इससे सबक लेते हुए अस्पताल में कोविड विंग तैयार कर लिया है। अस्पताल में 20 आक्सीजन बेड तैयार हो गए हैं।

कोविड विंग बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। सितंबर में स्वास्थ्य विभाग ने एक एनजीओ की मदद से 150 एलपीएम क्षमता का आक्सीजन प्लांट भी तैयार कर लिया। इसका लोकार्पण पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी, विधायक रामेश्वर शर्मा एवं हीरो ज्ञानचंदानी ने किया था। 150 लीटर प्रति मिनट आक्सीजन की सप्लाई होने से गंभीर संक्रमित मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा। अस्पताल में 50 बेड का कोविड विंग बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन कोराना का प्रभाव कम हो जाने के कारण अतिरिक्त बेड की व्यवस्था नहीं हो सकी। अब तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रशासन फिर से सक्रिय हो गया है। बुधवार को भाजपा के स्थानीय नेताओं ने अस्पताल का निरीक्षण कर नए विंग के बारे में जानकारी ली।

रोज 100 से अधिक लोगों की जांच

बैरागढ़ सिविल अस्पताल में वर्तमान में प्रतिदिन करीब 100 संदिग्‍धों की आरटी-पीसीआर जांच की जा रही है। अस्पताल के अधीक्षक डा. रामहित कुमार के अनुसार संदिग्ध मरीजों की लगातार जांच की जा रही है। फिलहाल अधिकतर मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। अस्पताल में आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने की तैयारियां की गई हैं।

मेटरनिटी विंग का काम भी शुरू होगा

सिविल अस्पताल के निकट ही नया मेटरनिटी विंग बनाने का प्रस्ताव है। इसके लिए पुराने भवन का कुछ हिस्सा तोड़कर जमीन को समतल किया जा चुका है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा। मेटरनिटी विंग बनने से बैरागढ़ के अलावा आसपास के ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को सुविधा हो जाएगी। सामान्य प्रसूति के अलावा सिजेरियन आपरेशन भी हो सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों के लिए आवास गृह का काम पूरा कर लिया है। अब डाक्टरों को इमरजेंसी में तत्काल बुलाया जा सकेगा।

Posted By: Ravindra Soni