Organ Donation In Bhopal: शुजालपुर के युवक को प्रत्‍यारोपित किया इंदौर की डाक्टर का लिवर, इंदौर से भोपाल तक बना ग्रीन कारिडोर

Updated: | Thu, 16 Sep 2021 11:26 PM (IST)

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर की 51 साल डेंटल सर्जन डा. संगीता पाटिल का लिवर भोपाल के बंसल अस्पताल में भर्ती शाजापुर जिले के शुजालपुर के 35 साल के एक युवक को लगाया गया। लिवर को एंबुलेंस से भोपाल तक लाने के लिए ग्रीन कारीडोर बनाया गया। इंदौर से लिवर को लेकर एंबुलेंस रात साढ़े सात बजे रवाना हुई। भोपाल में रात 10:15 बजे इंदौर से लिवर लेकर बंसल अस्पताल पहुंची एंबुलेंस। लिवर पहुंचने के आधे घंटे के भीतर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू हुई। बंसल अस्पताल के डायरेक्टर डा. स्कंद त्रिवेदी ने बताया कि उनके यहां अभी तक जीवित और ब्रेन डेड लोगों से मिले 12 लिवर ट्रांसप्लांट किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार भोपाल में ब्रेन डेड मरीज का लिवर ट्रांसप्लांट भोपाल के डाक्टरों की टीम ने किया है। अभी तक अस्पतालों में बाहर के डाक्टरों की टीम आ रही थी।

डा. संगीता पाटिल ने इंदौर में चार दिन से अस्पताल में जिंदगी-मौत के बीच संघर्ष किया

डा. संगीता पाटिल की एक किडनी चोइथराम अस्पताल में भर्ती डिंडोरी जिले के शाहपुरा निवासी 32 वर्षीय युवक को लगाई गई। शाम पांच बजे चोइथराम अस्पताल से ग्रीन कारिडोर बनाकर उनकी दूसरी किडनी सीएचएल अस्पताल में भर्ती कोटा के 60 वर्षीय मरीज को लगाई गई। पहली बार इंदौर से भोपाल तक ग्रीन कारिडोर बनाकर डेंटल सर्जन का लिवर बंसल अस्पताल, भोपाल में भर्ती 34 वर्षीय युवक के लिए भेजा।

दोनों आंखे एमके इंटरनेशनल आई बैंक और त्वचा चोइथराम अस्पताल को दान की गई है। करीब दो साल बाद इंदौर में ग्रीन कारिडोर बना। यह 40वां ग्रीन कारिडोर है। इसके पूर्व 23 अक्टूबर 2019 को ग्रीन कारिडोर बना था।

अनूप नगर में रहने वाली डेंटल सर्जन डा. संगीता पाटिल के साथ 11 सितंबर को सुखलिया चौराहे पर लूट की वारदात हुई थी। झूमाझटकी के दौरान 51 वर्षीय डेंटल सर्जन घायल हो गई थीं। उन्हें सिर पर गंभीर चोटें आईं थीं। बेटी निहारिका ने उन्हें ब्रेनडेथ घोषित किए जाने के पूर्व ही अंगदान की इच्छा जता दी थी।

इंदौर से गुरुवार की शाम 7.35 बजे ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एक लिवर भोपाल रवाना किया गया था। इंदौर प्रशासन ने सीहोर, देवास और भोपाल एसपी को निर्देश दिए थे कि इंदौर से रवाना हुई इस एम्बुलेंस को टोल नाकों और चौराहों पर लेन खाली मिले, वह इस बात का इंतजाम करें।

Posted By: Lalit Katariya