Oxygen Plant in Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में अब इलाज के लिए आक्सीजन की कोई कमी नहीं

Updated: | Tue, 19 Oct 2021 04:23 PM (IST)

Oxygen Plant in Madhya Pradesh: भोपाल (राज्य ब्यूरो)। मध्य प्रदेश में अब इलाज के लिए आक्सीजन की कोई कमी नहीं है। उत्पादन बढ़ाने के लिए शिवराज सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से काम किया। विभिन्न् चिकित्सालय में 163 आक्सीजन संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। इनकी क्षमता प्रतिदिन 182 टन आक्सीजन उत्पादन की है। इससे नौ हजार 145 मरीजों को 10 लीटर प्रति मिनट की दर से आक्सीजन प्रदाय की जा सकती है। वहीं, 39 संयंत्र की स्थापना इसी माह सुनिश्चित कर ली जाएगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम मोदी को दिया श्रेय

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहयोग से मध्य प्रदेश आक्सीजन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने जा रहा है। कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों की जान बचाने के लिए अन्य राज्यों से आक्सीजन लेनी पड़ी थी।

अब यह है हाल

मार्च 2020 में प्रदेश के किसी भी शासकीय चिकित्सालय में आक्सीजन उत्पादन संयंत्र नहीं थे। आज 163 आक्सीजन संयंत्र प्रांरभ हो चुके हैं। बाकी भी शीघ्र स्थापित कर लिए जाएंगे। इनसे प्रतिदिन लगभग 230 टन मेडिकल आक्सीजन का उत्पादन होगा।

उत्पादन के साथ ही भंडार की दिशा में भी काम

प्रदेश में पीएम केयर फंड से 88, मुख्यमंत्री राहत कोष से 13 एवं अन्य विभिन्न् माध्यम से 101 आक्सीजन संयंत्र स्थापित करने का काम हाथ में लिया गया था। उत्पादन के साथ ही भंडार की दिशा में भी काम किया गया। प्रदेश के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में 360 टन तरल आक्सीजन के भंडारण की सुविधा है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के 34 जिला चिकित्सालयों में छह किलोलीटर की क्षमता के तरल आक्सीजन के टैंक (कुल 248 टन) की स्थापना की जा रही है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay