Panchayat Employees Protest: 13 दिन से जनपद व पंचायतों में काम बंद, हजारों मजदूरों को नहीं मिल रही मजदूरी

Updated: | Sat, 31 Jul 2021 10:44 AM (IST)

Panchayat Employees Protest: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। प्रदेश में हजारों मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं मिल रहा है। यह स्थिति पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के जनपद व ग्राम पंचायतों में चल रही बेमियादी हड़ताल के कारण बनी है। ये कर्मचारी 19 जुलाई से हड़ताल पर है जिसका शनिवार को 13वां दिन है। इनमें जनपद के सहायक यंत्री, उपयंत्री, लिपिक, योजना प्रभारी से लेकर ग्राम पंचायतों के सचिव व रोजगार सहायक शामिल है। इनकी हड़ताल के कारण मजदूरों द्वारा किए गए कामों का मूल्यांकन अटक गया है। मजदूरों द्वारा किए गए काम के दस्तावेज आनलाइन नहीं किए जा रहे हैं। इस वजह से मजदूरी का आनलाइन होने वाला भुगतान अटका हुआ है। प्रदेश की जनपदों व ग्राम पंचायतों में लंबित मांगों को लेकर हड़ताल की जा रही है। अभी तक शासन की तरफ से हड़ताल को खत्म करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।

इन मांगों के लिए की जा रही हड़ताल

ये कर्मचारी खाली पदों को भरने, मृतक सचिवों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति देने, सहायक यंत्री, उपयंत्रियों के पद भरने, कर्मचारियों को सुविधाएं देने, कामों में राजनीतिक दबाव कम करने, रोजगार सहायकों को स्थाई कर्मचारी घोषित करने समेत अन्य मांग पूरी करने पर अड़े हैं।

पहले दिन सीईओ भी थे हड़ताल में शामिल

जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) भी पहले दिन हड़ताल में शामिल हो चुके हैं। उसके बाद सीईओ संघ का समर्थन है। यहीं वजह है कि हड़ताल का ज्यादा असर दिखने लगा है। विरोध प्रदर्शन की शुरूआत खरगौन की भीकनगांव जनपद के सीईओ राजेश बाहेती, धार की गंधवानी जनपद के उपयंत्री प्रवीण पंवार की मौत से हुई है। इनका आरोप है कि काम के दबाव में दोनों की मौत हुई है। सालों से लंबित मांगों को पूरा नहीं कर रही है, इसलिए दबाव बढ़ा है।

- पंचायतों में पूर्व से हुए कामों का मूल्यांकन रुक गया है। इस वजह से हितग्राहियों को भुगतान नहीं हो रहा है। हितग्राहियों ने अपने पास के रुपये लगाकर काम कराया था।

- जनपदों से नए कामों की स्वीकृति नहीं मिल रही है। इस वजह से पंचायतों में ग्रामीणों को तय कार्य दिवस के अनुरूप मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है।

Posted By: Lalit Katariya