मध्‍य प्रदेश में निजी स्कूलों को आनलाइन कक्षाओं के संबंध देना होगा शपथ पत्र, तभी फीस प्रतिपूर्ति के लिए पात्र होंगे

Updated: | Thu, 09 Dec 2021 11:21 AM (IST)

भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब विद्यार्थियों के लिए शासन की ओर से फीस प्रतिपूर्ति दी जाती है। अब राज्य शिक्षा केंद्र ने नई व्यवस्था लागू की है। निजी स्कूलों को कोरोना संक्रमण काल में आरटीई के तहत दाखिला पाने वाले बच्‍चों के लिए आनलाइन कक्षाएं संचालित करने का शपथ पत्र देना होगा। साथ ही आनलाइन कक्षाओं का फोटो भी अपलोड करना होगा। आनलाइन कक्षा संचालन नहीं होने की स्थिति में निजी स्कूलों को कोरोना काल में फीस प्रतिपूर्ति की पात्रता नहीं होगी। राज्य शिक्षा केंद्र की ओर से जारी पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि आधार सत्यापन के बाद आनलाइन कक्षा के कुल दिवस और बच्चे की वार्षिक उपस्थिति दर्ज करनी होगी। स्कूल द्वारा केवल उन्हीं बच्चों की उपस्थिति दर्ज होगी, जिनके द्वारा आनलाइन कक्षाओं में अध्ययन किया गया है। अभिभावकों के शिकायत करने पर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गलत जानकारी देने पर होगी कार्रवाई

राज्य शिक्षा केंद्र के अनुसार आधार सत्यापन के बाद आनलाइन कक्षा के कुल दिन और बच्चे की वार्षिक उपस्थिति दर्ज करनी होगी। स्कूल द्वारा केवल उन्हीं बच्चों की उपस्थिति दर्ज की जाएगी, जिनके द्वारा आनलाइन कक्षा में अध्ययन किया गया है। यदि अभिभावक द्वारा आनलाइन कक्षा नहीं लगने की शिकायत की जाती है तो संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

देना होगा फीस का ब्यौरा

राज्य शिक्षा केंद्र के पत्र के अनुसार निजी स्कूलों को स्कूल द्वारा तय वार्षिक शुल्क एवं स्कूल का फीस स्ट्रक्चर अपलोड करना होगा, जिसमें कक्षा नर्सरी से केजी-2 की कक्षाएं भी शामिल होंगी। सत्र 2020-21 का फीस का ब्यौरा और अन्य बच्चों से ली जाने वाली प्रत्येक कक्षा की फीस की एक-एक रसीद की एक पीडीएफ फाइल बनाकर शिक्षा पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।

Posted By: Ravindra Soni