मानदेय घोटाले से जुड़े दो अधिकारियों की बर्खास्तगी का भेजा गया प्रस्ताव

Updated: | Sat, 23 Oct 2021 11:30 AM (IST)

भोपाल (राज्य ब्यूरो)। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय घोटाले में लिप्त भोपाल के दो बाल विकास परियोजना अधिकारियों की बर्खास्तगी की फाइल चल पड़ी है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने दोनों अधिकारियों की बर्खास्तगी का प्रस्ताव मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) को भेज दिया है। इस मामले में अब आयोग अंतिम निर्णय लेगा। वहीं विभाग ने करीब 40 अधिकारियों-कर्मचारियों से घोटाले की राशि वसूलने की भी तैयारी कर ली है। इन कर्मचारियों को नोटिस जारी किया जा रहा है। ज्ञात हो कि प्रदेश के 14 जिलों में किए गए इस घोटाले में शासन को 26 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचा है। भोपाल की आठ बाल विकास परियोजनाओं में सबसे पहले वर्ष 2017 में घोटाले का पता चला।

मामले में आठ परियोजना अधिकारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच कराई गई है। इनमें से राहुल संधीर, कीर्ति अग्रवाल, सुमेधा त्रिपाठी सहित एक अन्य अधिकारी की जांच पूरी हो गई है। जबकि, अर्चना भटनागर, लिपिक दिलीप जेठानी एवं बीना भदौरिया की जांच अभी चल रही है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से स्थगन होने के कारण परियोजना अधिकारी मीना मिंज, बबीता मेहरा और नईम खान की जांच भी अधूरी है। जिन अधिकारियों की जांच पूरी हो गई है, उनमें से एक पुरुष व एक महिला अधिकारी को बर्खास्त करने का प्रस्ताव एमपीपीएससी को भेजा गया है। ज्ञात हो कि घोटाला वर्ष 2014 से किया जा रहा था और भोपाल के बाद अब तक 14 जिले इससे प्रभावित हो चुके हैं।

Posted By: Prashant Pandey