Pure Water: 10 एसटीपी शुरू होने के बाद 775 लाख लीटर पानी शुद्ध होकर तालाबों में मिलेगा

Updated: | Sat, 31 Jul 2021 05:20 PM (IST)

Pure Water: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। राजधानी में गंदा पानी तालाब में मिलकर पानी को गंदा न करें इसके लिए शहर में 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जा रहे है। इसमें से पांच प्लांट बनकर तैयार हो गए है। वहीं पांच निर्माणाधीन है। इन प्लांट का काम दिसंबर 2021 तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद शहर में करीब 775 लाख लीटर पानी शुद्ध होकर तालाबों में मिलेगा। इससे तालाबों की सेहत में सुधार होगी। वहीं भोज वेटलैंड योजना का पालन होगा। बता दें कि इसके लिए 30 पंप हाउस बनाए गए है। जहां से गुजरकर यह पानी एसटीपी में पहुंचेगा। बड़े तालाब, छोटे तालाब, शाहपुरा तालाब में मिलने वाले सीवेज और कोलार व होशंगाबाद रोड के इलाकों में सीवेज नेटवर्क बिछाने के लिए 10 एसटीपी बनाने के साथ 400 किमी पाइप लाइन बिछाई जा रही है।

पांच एसटीपी है निर्माणाधीन, सीवेज नेटवर्क का भी 60 फीसद काम हुआ पूरा

कोहेफिजा की जिस ऐतिहासिक शिरीन नदी से बड़े ताालाब के भीतर सीधे सीवेज मिल रहा है, उस पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण का काम अगले तीन माह में पूरा हो जाएगा। करबला के समीप पीएचई विभाग के मौजूदा पंप हाउस परिसर में बन रहे इस एसटीपी में सीवेज का ट्रीटमेंट होगा, ताकि बड़े तालाब में गंदा पानी ना मिले। इस नाले से रोज 50 लाख लीटर सीवेज तालाब में मिलता है। एसटीपी बन जाने के बाद इस पर रोक लग जाएगी। बात केवल शिरीन नदी की नहीं है। ऐसे कई नाले हैं जिनसे शहर के अन्य तालाबों में सीधे सीवेज मिल रहा है। शहर में चल रहे सीवेज नेटवर्क प्रोजेक्ट का 60 फीसदी से अधिक काम हो चुका है। यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क को छोड़ कर शेष सभी साइट पर काम शुरू हो गया है। माहौली दामखेड़ा का 350 लाख लीटर क्षमता का एसटीपी तैयार है। फिलहाल इसे भोज वेटलैंड के पुराने पंप हाउस से जोड़ दिया गया है। इससे छोटे तालाब में मिक्स हो रहे सीवेज की मात्रा में कमी आई है।

Posted By: Lalit Katariya