Rajya Sabha By-Election in MP: डा. एल. मुरुगन होंगे भाजपा से राज्यसभा उपचुनाव के प्रत्याशी

Updated: | Sun, 19 Sep 2021 09:35 AM (IST)

Rajya Sabha By-Election in MP: भोपाल (राज्य ब्यूरो)। केंद्रीय मंत्री रहे थावरचंद गहलोत को कर्नाटक का राज्यपाल बनाए जाने के कारण मध्य प्रदेश से रिक्त हुई राज्यसभा सदस्य की सीट के लिए भाजपा ने सूचना प्रसारण राज्यमंत्री डा. एल. मुरुगन को प्रत्याशी घोषित किया है। राज्यसभा सदस्य के लिए होने वाले इस उपचुनाव से राज्यसभा पहुंचाने वाले सदस्य का कार्यकाल 2024 तक रहेगा। विधानसभा में विधायकों की संख्या के हिसाब से भाजपा की जीत निश्चित है। हालांकि कांग्रेस की ओर से पहले ही यह घोषणा कर दी गई है कि वह अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी। इस हिसाब से मुस्र्गन का निर्वाचन निर्विरोध हो सकता है। यह सीट रिक्त हुई है। डा. मुरुगन पेशे से वकील हैं।

मद्रास उच्च न्यायालय में वकालत का उन्हें लंबा अनुभव रहा है। वे तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष भी हैं। सीट रिक्त होने के समय से यह संभावना भी जताई जा रही थी कि मोदी सरकार में जिन नेताओं को मंत्री बनाया गया है, उनमें से कुछ लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सदस्य नहीं हैं। ऐसे ही किसी बाहरी नेता को पार्टी की ओर से प्रत्याशी बनाया जा सकता है। इसी तर्ज पर डा. मुस्र्गन के लिए सुरक्षित सीट के तौर पर मध्य प्रदेश का चुनाव किया गया है।

मुरुगन जल्द ही नामांकन दाखिल करने के लिए मध्य प्रदेश आएंगे। मालूम हो, राज्यसभा उपचुनाव के लिए प्रदेश में अधिसूचना जारी कर दी गई है। नामांकन 22 सितंबर तक जमा होंगे। 23 सितंबर को आवेदनों की जांच होगी और 27 सितंबर तक नाम वापस लिए जा सकते हैं। यदि मतदान की स्थिति बनती है तो चार अक्टूबर को सुबह नौ से चार बजे तक मतदान होगा। एक घंटे बाद पांच बजे से मतगणना होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।

मध्य प्रदेश में दलीय स्थिति

इस उपचुनाव में कांग्रेस ने उम्मीदवार खड़ा नहीं करने का फैसला किया है। दरअसल, विध्ाानसभा में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या 95 हैं। यदि किसी तरह निर्दलीय सदस्य, बसपा और सपा के सदस्यों का समर्थन भी मिल जाता है तो भी सदस्य संख्या इतनी नहीं होगी कि पार्टी प्रत्याशी जीत हासिल कर सके।

मध्य प्रदेश के कई नेता थे दौड़ में

थावरचंद गहलोत अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं। माना जा रहा था कि इसी वर्ग से प्रदेश के किसी नेता को स्थान मिल सकता है। ऐसे में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य की दावेदारी अधिक मजबूत थी। इनके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, प्रदेश प्रवक्ता अर्चना चिटनीस सहित कई अन्य दावेदार थे। इससे पहले दक्षिण भारत के गणेशन और धर्मेंद्र प्रधान जैसे नाम भी प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

Posted By: Prashant Pandey