बैरागढ़ में आयोजित शिविर में संत सिद्धभाऊ ने बताई प्राकृतिक चिकित्‍सा की महत्‍ता

Updated: | Wed, 01 Dec 2021 05:42 PM (IST)

भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। राजधानी के उपनगर बैरागढ़ में स्‍थित आरोग्य केंद्र द्वारा आयोजित “रोग निवारण एवं प्रशिक्षण मासिक शिविर श्रंखला” का अनुभव समारोह संत सिद्धभाऊ के मुख्य आतिथ्य में संपन्‍न हुआ। अपने संबोधन में संत सिद्धभाऊ ने कहा कि बीमारी हमारे मन में पैदा होती है, इसलिए हमे हमारे मन को परमात्मा के चिंतन में लगाना चाहिए।

स्वास्थ्य लाभ लेने आए साधकों से उन्होंने कहा ने कि हमें मौसमी फलों का सेवन करना चाहिए। फलों और सब्जियों में इलेक्ट्रिकल चार्ज होता है, जो हमें सेहतमंद रखते है। हम सबके घर में एक लाइब्रेरी होनी चाहिए जिसमें स्वास्थ्य ज्ञान देने वाली पुस्तकें भी होना चाहिए। मानव जीवन पूर्ण रूप से प्रकृति पर अधीन है। यदि हम प्रकृति के अनुरूप चलेंगे तो हमारा जीवन सुंदर, निर्मल, सुखमय और स्वास्थ्यवान होगा। प्राकृतिक चिकित्सा द्वारा ना सिर्फ आप बीमारी का इलाज कर सकते हैं, अपितु बीमारी से पूरी तरह से बच सकते हैं एवं स्वास्थ्यमय जीवन पा सकते है।

नैचुरोपैथी से हर व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है

संत सिद्धभाऊ ने कहा कि नेचुरोपैथी से हर व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। यह सस्ती और आसान है। अनुभव सत्र में शिविरार्थियों ने अपने अनुभवो को साझा करते हुए कहा कि उन्हे दस दिन में ही बीपी, डायबिटीज, हाथ-पैरों के दर्द, आर्थराइटिस, साइनस, सरवाइकल स्पोंडिलाइटिस में काफी आराम हुआ। श्रीमती शशि मदान ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा प्रभावी है। मुबंई से आए महेश टिबरवाल ने कहा कि उनकी अपच की समस्या ठीक हो गई। प्रारंभ में गुलाब टेवानी ने स्वागत संबोधन किया। लता टेवानी ने आभार प्रकट किया।

Posted By: Ravindra Soni