भोपाल में शौर्य स्मारक व पीएचक्यू चौराहे को नागरिकों की सुरक्षा के हिसाब से नए सिरे किए जा रहा डिजाइन

Updated: | Sat, 27 Nov 2021 11:14 AM (IST)

भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड ने राहगीरों की सुरक्षा के लिए चौराहों को नए सिरे से डिजाइन करने का काम शुरू कर दिया है। इसके अंतर्गत प्रथम चरण में ट्रायल के रूप में शौर्य स्मारक व पीएचक्यू चौराहों को लिया गया है। इन चौराहों को लोगों के लिए सुरक्षित बनाने का कार्य शुक्रवार से शुरू कर दिया गया है। इस कार्य में स्मार्ट सिटी का सहयोग डब्ल्यूआरआइ इंडिया कर रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह प्रयोग किया जा रहा है। इसके सफल होने पर शहर में अन्य चौराहों को भी विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत शौर्य स्मारक व पीएचक्यू चौराहा को पदयात्री, साइकिल और वाहन चालकों के लिए सुरक्षित बनाने रोड मार्किंग, पेंटिंग, कोन और रेफ्यूज आईलेंड बनाया जाएगा। इमसें प्रत्येक को सड़क से सुरक्षित व बिना किसी बाधा के निकलने की सुविधा मिलेगी। यह कार्य विषेषज्ञों के साथ प्लानिंग व आर्किटेक्चर के छात्र करेगें। इन चौराहों पर फिलहाल 15 दिन तक वाहन चालकों का व्यवहार व सुरक्षा देखी जाएगी। इसके पश्चात् इसमें सुधार के लिए नागरिकों से सुझाव लिए जाएगें और आवश्यकता पड़ने पर डिजाइन में बदलाव भी किए जा सकते हैं। शहर के अन्य चौराहों व तिराहों को पदयात्री, सायकिल और वाहन चालकों के लिए सुरक्षित बनाया जाएगा।

इससे पूर्व पब्लिक ट्रांसपोर्ट और रोड सेफ्टी विषय पर मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और स्कूल ऑफ प्लानिंग आर्किटेक्चर भोपाल के छात्रों के साथ भोपाल स्मार्ट सिटी कार्यालय में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें भोपाल स्मार्ट सिटी के सीईओ अंकित अस्थाना, नगर निगम व भोपाल स्मार्ट सिटी के इंजीनियर और डब्ल्यूआरआई इंडिया से अदवित जानी, वैभव कुश, अवतार भल्ला आदि उपस्थित रहे। कार्यशाला में री-डिजाइनिंग स्ट्रीट्स फॉर ऑल यूजर्स के लिए प्रजेंटेशन, डिस्कशन व वाकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर विचार-विमर्श किया गया।

इन्हें भी स्मार्ट बनाने की है जरूरत

गोविंदपुरा टर्निंग - 50 मीटर के दायरे में दो रोटरी पड़ती हैं। ऐसे में रेलवे ट्रेक की जो दीवार बनी है, उसका लेफ्ट टर्न क्लीयर कर दिया जाना चाहिए।

लालघाटी चौराहा - लेफ्ट टर्न क्लीयर करने की जरूरत है।

- राजभवन परिसर के पास बना तिराहा भी लोगों में असमंजस की स्थिति पैदा करता है। इसे ठीक किया जाना चाहिए।

Posted By: Ravindra Soni