पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखेंगे मप्र के शिक्षक, आंदोलन की तैयारी

Updated: | Mon, 29 Nov 2021 09:58 AM (IST)

भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। नए पेंशन स्कीम को बंद करने और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कई कैडर के कर्मचारी संघ अब बड़ा आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं। मप्र शिक्षक कांग्रेस ने भी इस संबंध में विरोध जताया है। शिक्षक कांग्रेस के सभी सदस्‍य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पोस्टकार्ड लिखकर अपनी व्यथा बताएंगे और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग करेंगे। शिक्षक कांग्रेस के प्रदेश प्रांताध्यक्ष सुभाष सक्सेना ने बताया कि एक दिसंबर से शुरू किए जा रहे अभियान के तहत प्रदेश के नए और पुराने संवर्ग के तीन लाख से ज्यादा शिक्षक प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड लिखकर भेजेंगे। वहीं संयुक्त मोर्चा के संरक्षक भुवनेश कुमार पटेल एवं अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने बताया कि पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर एक दिसंबर से प्रदेश के कर्मचारी द्वारा जागरण अभियान शुरू किया जाएगा। कर्मचारी मंच के अध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि स्थायी कर्मी, दैनिक वेतन भोगी, कार्यभारित कर्मचारी नई पेंशन योजना का विरोध दर्ज करा चुके हैं। इस संबंध मंत्रालय के सामने आदेश की प्रतियों का विरोध भी किया गया।

मुख्यमंत्री से लगा चुके हैं गुहार

शिक्षक कांग्रेस के प्रांताध्यक्ष सुभाष सक्सेना का कहना है कि मप्र में 2004 के बाद नियुक्त सभी कम्रचारियों के साथ शिक्षकों को भी पुरानी पेंशन योजना के लाभ से वंचित कर एनपीएस लागू कर दिया गया है, जिसके तहत कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के बाद 400-600 व 1000 रुपये ही पेंशन प्राप्त हो सकेगी। इसमें सरकार की कर्मचारी विरोधी नीयत स्पष्ट हो रहा है। जहां एक तरफ पूरी जिंदगी भर कर्मचारी या शिक्षक सरकारी सेवा करता है और जब बुढ़ापे में उन्हें पैसों की आवश्यकता होगी, तब मात्र कुछ रुपये ही पेंशन के रूप में प्राप्त होंगे। शिक्षक कांग्रेस इस संदर्भ में मुख्यमंत्री के समक्ष भी गुहार लगा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

Posted By: Ravindra Soni