तेंदुए के हमले में विकृत हो गया था युवक का चेहरा, भोपाल में एम्स के डॉक्‍टरों ने सर्जरी कर संवारा

नीमधान जंगल में हुई थी घटना। एम्‍स के डाक्‍टरों ने युवक के चेहरे की फ्रैक्चर हुई हड्डियों को मिनी प्लेट्स से जोड़ा। छह-घंटे चली सर्जरी।

Updated: | Wed, 19 Jan 2022 11:09 AM (IST)

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। पचमढ़ी के नीमघान जंगल में तेंदुए के हमले से एक युवक बुरी तरह घायल हो गया था। तेंदुए ने उसके मुंह पर पंजे से जोरदार प्रहार किया था, जिससे उसके चेहरे पर कई जगह गहरी चोट लगी थी। संजू नामक इस युवक को भोपाल के एम्‍स में लाकर भर्ती किया गया था। यहां के डाक्‍टरों ने उसकी प्लास्टिक सर्जरी कर उसका चेहरा फिर से संवार दिया है। मरीज का मुंह नहीं खुल रहा था, इसलिए ब्रांकोस्कोपिक तकनीक से उसकी सांस की नली डाली गई। उसके चेहरे की फ्रैक्चर हुई हड्डियों को मिनी प्लेट्स से जोड़ा गया। मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिया निर्माण में मजदूरी का काम करने वाले इस युवक पर दिन में तेंदुए ने हमला किया था। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे एम्स भोपाल रेफर किया गया था। उसकी आंख और नाक के बीच की हड्डियों में कई फ्रैक्चर थे। मरीज जब एम्स पहुंचा था तो उसकी स्थिति बहुत नाजुक थी। खून सांस नली में पहुंचने की वजह से सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इमरजेंसी में प्लास्टिक सर्जन डा. राहुल दुबेपूरिया और उनकी टीम ने मरीज का प्रारंभिक इलाज किया। प्लास्टिक सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. मनाल मोहम्मद खान ने बताया कि चेहरे की हड्डियों के इस तरह के आपरेशन काफी जटिल होते हैं। सही वक्त पर सर्जरी करने से अच्छे नतीजे आते हैं। उन्होंने बताया कि यह आपरेशन करीब छह घंटे चला। इसमें प्लास्टिक सर्जरी विभाग से डा. दीपक कृष्णा एवं उनकी टीम, एनेस्थीसिया विभाग से डा. वैशाली, डा. आशुतोष कौशल शामिल थे।

बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डाक्टरों ने इस केस को चुनौती के तौर पर लिया। सर्जरी के बाद अच्छे नतीजे आए हैं। इस विभाग में चेहरे की जन्मजात विकृति की सर्जरी, कास्मेटिक और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की जा रही हैं।

- डा. मनीषा श्रीवास्तव, अधीक्षक, एम्स

Posted By: Ravindra Soni