नईदुनिया ने उठाई पीड़ि‍तों की आवाज : मध्‍य प्रदेश में धोखेबाज बिल्डरों पर दर्ज होगा आपराधिक प्रकरण, कालोनाइजर लाइसेंस भी रद करेगी शिवराज सरकार

Updated: | Thu, 16 Sep 2021 03:20 PM (IST)

इंदौर में बिल्डरों की मनमानी से त्रस्त लोगों की आवाज नई दुनिया ने उठाई

धनंजय प्रताप सिंह, राज्य ब्यूरो,भोपाल। अपना घर का सपना पूरा करने के लिए आम लोग पूरे जीवन की जमा पूंजी लगा देते हैं, लेकिन कई मामलों में बिल्डर बड़े-बड़े वादे करके उन्हें पूरा करने की बजाय उपभोक्ता को परेशान करते हैं। ऐसे कई मामलों में पीड़ित लोगों की आवाज जब नईदुनिया ने उठाई, तो मध्‍य प्रदेश की शिवराज सरकार ने गड़बड़ी करने वाले बिल्डर खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। मध्‍य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने नईदुनिया से विशेष बातचीत में कहा कि निवेशक के साथ किए गए वादे को समय पर न निभाने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में न केवल आपराधिक प्रकरण दर्ज होगा, बल्कि कालोनाइजर लाइसेंस भी रद किया जा सकता है।

मंत्री भूपेंद्र सिंह के साथ बातचीत के कुछ प्रमुख अंश-

प्रश्न- तमाम नियम हैं, रेरा की स्थापना हुई, लेकिन बिल्डरों की मनमानी पर अंकुश नहीं दिखाई पड़ रहा है। बिल्डर पूरी रकम लेकर भी लोगों को समय पर पजेशन नहीं दे रहे हैं?

भूपेंद्र सिंह- जनता के साथ गड़बड़ी करने की छूट किसी को भी नहीं दी जा सकती है। बिल्डर यदि समय पर वादे पूरे न करें, निवेशकों के हितों की अनदेखी करें या अन्य किसी भी तरह की गड़बड़ी करता है, तो पीड़ित नागरिक नगरीय प्रशासन विभाग सहित स्थानीय निकाय और संबंधित सरकारी एजेंसियों में शिकायत करें। हम ऐसे बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। समय पर पजेशन न देने वाले बिल्डर के खिलाफ एफआइआर दर्ज होगी। उसका कॉलोनाइजर लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा।

प्रश्न- बिल्डर वादाखिलाफी के साथ कई तरह की गड़बड़ी करते हैं?

भूपेंद्र सिंह- हां, ऐसी शिकायतें आती हैं कि जो प्लॉट साइज बताया गया था वो बाद में छोटा निकला। बताई गई डिजाइन में परिवर्तन हो जाता है। पार्क, लिफ्ट, सुरक्षा, सड़क, पानी, स्वच्छता, सीवेज जैसे कई मामलों में वादाखिलाफी की शिकायतें हैं। इसे अपराधिक मामला मानते हुए बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रश्न- प्राय: बिल्डर पार्क की जमीनों पर भी निर्माण करके उसे गलत तरीके से बेच देते हैं?

भूपेंद्र सिंह- ऐसे मामलों में परीक्षण किया जाएगा। यदि पार्क की जमीन पर अतिक्रमण करके निर्माण किया गया है, तो उसे नियमानुसार ध्वस्त किया जाएगा और पार्क की जमीन उसी उद्देश्य में ली जाएगी। इसे भी आपराधिक मामला माना जाएगा।

प्रश्न- मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में अक्सर सीवेज और ट्रीटमेंट प्लांट का ध्यान नहीं रखा जाता?

भूपेंद्र सिंह- सीवेज के लिए इंतजाम न करना और ट्रीटमेंट प्लांट के प्रति लापरवाही पर्यावरण के लिहाज से बेहद घातक है। ऐसी शिकायत मिली तो संबंधित बिल्डर पर अपराधिक प्रकरण दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है। हालांकि, पहले से सीवेज के मामलों में लापरवाही पर पहली बार में 50 हजार रुपये और इसके बाद अधिक जुर्माने का प्रविधान है, लेकिन अब पर्यावरण के लिहाज से ऐसी लापरवाही पर हम और सख्ती करने जा रहे हैं।

प्रश्न- कालोनियों को वैध न करने से अवैध कालोनी की संख्या लगातार बढ़ रही है?

भूपेंद्र सिंह- सुविधाएं देने के लिए कालोनियों को वैध किया गया है, लेकिन इसका गलत फायदा उठाकर अवैध तरीके से प्लॉट काटकर नई अवैध कालोनियां बनीं तो अब संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। हम पूरे प्रदेश में अभियान चलाकर उन कालोनियों को स्थानीय निकायों के हवाले करेंगे, जहां सुविधाओं की कमी है या वे नगर निगम को हस्तांतरित नहीं की गई हैं। अभियान के बाद इन कालोनियों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay