भोपाल गैस कांड की 37वीं बरसी, शहर में कई जगहों पर हुए विशेष आयोजन, गैस पीडि़तो ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

Updated: | Fri, 03 Dec 2021 12:08 PM (IST)

भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। शुक्रवार को जगह-जगह भोपाल गैस कांड के लिए जिम्मेदार विदेशी डाव कंपनी और उसे सहयोग करने वाली सरकारों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए गए। भोपाल ग्रुप फार इंफार्मेशन एंड एक्शन की रचना ढींगरा व अन्य प्रतिनिधियों ने सैंकड़ों लोगों के साथ भारत टाकीज से जेपी नगर तक पैदल मार्च निकाला। जगह-जगह पूतला फूंककर विरोध दर्ज कराया। स्वर्गीय अब्दुल जब्बार के भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन के पदाधिकारियों और उनकी धर्मपत्नी सायरा बानो के नेतृत्व में शाहजहानी पार्क में सभा की और मृतकों को याद किया। उनके हक की लड़ाई आगे भी जारी रखने का संकल्प दोहराया। भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशन भोगी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष बालकृष्ण नामदेव और अन्य पदाधिकारियों ने भी कल्याणी महिलाओं के साथ मृतकों को याद किया और प्रभावितों की मदद करने का संकल्प मजबूत किया। भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष समिति की संयोजिका साधना प्रधान व प्रतिनिधियों ने भी पीड़ितों के हकों को लेकर आवाज उठाई। जेपी नगर में प्रभावितों की मदद भी की है।

वहीं भोपाल रेलवे स्टेशन पर गैस त्रासदी से जूझते हुए मारे गए रेलकर्मियों की याद में बनाए स्मारक परिसर में श्रद्धांजलि सभा की गई। जिसमें वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के दिनेश त्रिपाठी, टीके गौतम व रेलकर्मी संजय तिवारी समेत अन्य रेलकर्मियों ने मृतकों को याद किया और श्रद्धासुमन अर्पित किए।

गैस पीड़ित संगठन की राशीदा बी, नौशीन खान, नवाब खान ने बताया कि 37 साल बाद भी गैस पीड़ितों को उनका हक नहीं मिल पाया है। बता दें कि हर साल 3 दिसंबर के गैस कांड की बरसी होती है। दुनिया की भीषणतम त्रासदी में शामिल भोपाल गैस कांड 2 व 3 दिसंबर 1984 की दरम्यिानी रात को भोपाल के जेपी नगर कारखाने में हुआ था। इसमें लाखों लोग प्रभावित हुए थे और हजारों लोगों की मौत हो गई थी। इस प्रभाव का असर तीसरी पीढ़ी तक देखने को मिल रहा है।

हर साल बरसी पर इसलिए होते हैं विरोध प्रदर्शन

— जेपी नगर स्थित कारखानो में हजारों मीट्रिक टन जहरीला कचरा पड़ा है जिसे नष्ट नहीं किया जा रहा है। इसका जहर बारिश में आसपास के बस्तियों के अपनी जद में ले रहा है। कई तरह की बीमारियां हो रही हैं।

— गैस पीड़ितों का आर्थिक और सामाजिक पुनर्वास 37 साल बाद भी ठीक से नही हो पाया है।

— गैस कांड में रिसी गैस का असर वर्तमान में भी लोगों पर दिखाई दे रहा है, जिसका कोई वैज्ञानिक अध्ययन ठीक से नहीं किया जा रहा है।

— गैस कांड में मारे गए लोगों के स्वजनों को अब तक पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया गया है।

— गैस कांड के लिए जिम्मेदार विदेशी कंपनी का व्यापार भारत में बढ़ा है। उसके प्रमुखों को अब तक सजा नहीं हुई है और न ही वे जेल गए हैं।

— गैस पीड़ितों के हक में विभिन्न कोर्ट में जारी सुनवाई पर केंद्र सरकार ध्यान नहीं दे रही है। आवेदन देकर जल्दी सुनवाई की मांग नहीं की जा रही है।

— गैस के प्रभाव से वर्तमान में विभिन्न बीमारियों का शिकार हो रहे लोगों की चिंता नहीं की जा रही हैं। उनके इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के आरोप हैं।

Posted By: Ravindra Soni