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Bhopal Dharm Samaj News: तन को नहीं चैतन्य को संवारने का प्रयास करो : एलक विवेकानंद सागर

Updated: | Wed, 03 Mar 2021 08:07 AM (IST)

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। संसार में पाप कमाने के साधन तो बहुत हैं। पाप का फल असीमित है, लेकिन पुण्य कार्य करने का सौभाग्य विरले जीवों को ही प्राप्त होता है। वर्तमान में मनुष्य पुण्योदय से प्राप्त मानव पर्याय को व्यर्थ के कार्यों में लगाकर पाप कमाने में लगे हुऐ हैं। मानव जीवन तन को नहीं, चेतना को संवारने के लिये मिला है। मनुष्‍य शरीर का श्रंगार करने में और इसे संवारने में अनन्त जीवन बर्बाद कर रहे हैं। इसलिये जीवन की दशा और दिशा सत्कार्यों और पुण्य कार्यों में लगाकर संवारने का प्रयास करें। चैतन्य को संभाल कर जीवन को धन्य करें।

ये सद्विचार एलक विवेकानंद सागर महाराज ने मंगलवार को भानपुर स्थित जैन मंदिर में मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक पूजन के बाद धर्मसभा में व्यक्त किए। अनुष्ठान मुनि अजितसागर महाराज, एलक दयासागर महाराज, एलक विवेकानंद सागर महाराज, छुल्लक प्रशम सागर महाराज के सान्निध्य में विधि विधान से प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी सुमत भैया के निर्देशन में संपन्न हुए।

दिगंबर जैन पंचायत कमेटी ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी अंशुल जैन ने बताया कि मंगलवार को जैन धर्म के छठवें तीर्थंकर भगवान पद्मप्रभु का मोक्षकल्याण भी शहर के सभी जैन मंदिरों में श्रद्धा से मनाया गया। इस अवसर पर अभिषेक, शांतिधारा, विशेष पूजा-अर्चना करने के बाद निर्वाण लाडू समर्पित किए गए। दिगंबर जैन पंचायत कमेटी ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी अंशुल जैन ने बताया कि शहर के प्रमुख चौक जैन मंदिर, टीटी नगर, नंदीश्वर जिनालय, कस्तूरबा नगर जैन मंदिर, झिरनो मंदिर सहित सभी प्रमुख जैन मंदिरों में भगवान पद्मप्रभु के मोक्ष कल्याणक अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। झिरनो जैन मंदिर में श्रद्धालुओं ने भगवान आदिनाथ की प्राचीन प्रतिमा का अभिषेक कर 21 किलो का निर्वाण लाडू समर्पित किया। सभी के कल्याण की भावना और विश्वशांति के लिये महामंत्र, नवकार मंत्र का वाचन किया गया।

Posted By: Ravindra Soni
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