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Delta Plus Variant in MP: मध्य प्रदेश में डेल्टा प्लस वैरिएंट से दो की हो चुकी मौत

Updated: | Thu, 24 Jun 2021 02:45 PM (IST)

भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि, Delta Plus Variant in MP केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर जारी हुए अलर्ट के बाद अब प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। विभाग प्रदेश में पाए डेल्टा प्लस वैरिएंट के छह मरीजों की कांट्रैक्ट हिस्ट्री से लेकर पूरी जानकारी जुटाने में जुटा हुआ है। इसी बीच यह जानकारी सामने आई है कि कोरोना के खतरनाक वैरिएंट से प्रदेश में दो मौतें हो चुकी हैं। इनमें कोरोना पीड़ित एक महिला उज्जैन की थी, जिसकी अस्पताल में भर्ती होने के छह दिन बाद मौत हो गई थी। वहीं दूसरा मरीज अशोकनगर था, जिसकी मौत हुई थी। विभाग अशोकनगर के मरीज की जानकारी हासिल करने में जुटा हुआ है। इसके अलावा विभाग को सीहोर के कालापीपल की भी एक दो वर्षीय बच्ची की जानकारी नहीं मिल रही है। इस बच्ची के सैंपल में भी डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि हुई है।

विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार सीहोर के कालापीपल की दो साल एक बच्ची 10 मई को कोरोना संक्रमित हुई थी। बच्ची में वैरिएंट की जांच के लिए सैंपल भोपाल भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में अब डेल्टा प्लस वैरिएंट की पहचान हुई है। अधिकारियों का कहना है कि बच्ची की कांट्रैक्ट हिस्ट्री पता करने के लिए भोपाल और सीहोर में दोनों जगह प्रयास किए जा रहे हैं। बच्ची के परिजनों का जो मोबाइल नंबर रिकार्ड में दर्ज है उस पर संपर्क नहीं हो पा रहा है। बच्ची को खोजने के लिए सीहोर और भोपाल की दो अलग-अलग टीमों को लगाया गया है।

महिला की हो गई थी मौत, पति स्वस्थ

उज्जैन के ऋषिनगर निवासी 59 वर्षीय महिला की कोरोना संक्रमण के चलते 23 मई को मौत हो गई थी, जबकि उसका पति ठीक हो गया है। कोरोना के वैरिएंट की रिपोर्ट अब आई है। महिला ने वैक्सीन नहीं लगवाई थी। उज्जैन की ही घट्टिया निवासी 52 वर्षीय एक अन्य महिला में भी डेल्टा प्लस वैरिएंट मिला है। इस महिला ने टीका लगवाया था और स्वस्थ होने पर तीन दिन में ही अस्पताल से छुट्टी कर दी गई थी। नोडल अधिकारी डॉ. रौनक एलची के अनुसार 20 मई को कुछ सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे गए थे। इनमें से दो महिलाओं में डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि हुई है। ऋषिनगर निवासी महिला को 17 मई को फ्रीगंज स्थित संजीवनी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां 20 मई को ऑक्सीजन कम होने पर आइसीयू में भर्ती करने के लिए उसे निजी अस्पताल ले जाया गया था। तीन दिन बाद 23 मई को मौत हो गई थी। पति उससे 15 दिन पूर्व संक्रमित हुआ था। इलाज के बाद वह ठीक हो चुका था। पति को टीका लग चुका था। परिवार में कोई और संक्रमित नहीं हुआ था।

Posted By: Ravindra Soni
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