UPSC Topper Jagrati Awasthi: रिजल्‍ट की जानकारी मिलते ही जागृति के घर के बाहर लगा जमावड़ा, पड़ोसी और सगे-संबंधी बधाई देने पहुंच गए

Updated: | Sat, 25 Sep 2021 10:40 AM (IST)

UPSC Topper Jagrati Awasthi: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी)-2020 का रिजल्ट शुक्रवार को घोषित हुआ। भोपाल के पांच नंबर स्टॉप के पास सरकारी क्वार्टर में रहने वाली जागृति अवस्थी बाहर बैठकर अपने भाई के साथ मोबाइल पर रिजल्ट देख रही थीं। जैसे ही उनका नाम सूची में दूसरे नंबर पर नजर आया, वह जोर से चिल्लाने लगीं। आवाज सुनकर माता-पिता बाहर आ गए। जागृति को भरोसा नहीं हो रहा था कि उसने यूपीएससी में दूसरा स्थान हासिल किया है। उसने कई बार अपने नाम को देखा और फिर उनके भाई सुयश ने भरोसा दिलाया कि उसका ही नाम है। इसके बाद लोगों के बधाइयों के फोन आने लगे। सबसे पहले अवस्थी परिवार ने पास के मंदिर में जाकर भगवान के दर्शन किए। इसके बाद घर पहुंचते ही आस-पड़ोस के लोग और सगे-संबंधी बधाई देने घर पहुंचने लगे। जागृति ने देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है और महिला श्रेणी में पहला स्थान पाया है।

जागृति के पिता डा. सुरेश चंद्र अवस्थी गवर्नमेंट होम्योपैथी कालेज में प्रोफेसर हैं। मां मधुलता अवस्थी गृहण्ाी हैं। पहले महर्षि विद्या मंदिर में स्पोर्ट्स टीचर थीं, लेकिन बाद में उन्होंने नौकरी छाेड दी। पिता डा. अवस्थी ने बताया कि बेटी ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए भेल में क्लास-1 पोस्ट की नौकरी छाेडने की बात रात में बताई। हमने हां कहा तो उसने सुबह इस्तीफा दे दिया। जागृति की सफलता पर क्षेत्रीय विधायक पीसी श्ार्मा सहित पार्षद उनके घर पहुंचे और उन्हें बधाई दी।

बचपन से ही पढ़ने में तेज थी

डा. अवस्थी ने बताया कि जागृति बचपन से ही पढ़ने में तेज थी। उसने दसवीं में भी प्रथम स्थान हासिल किया था और बारहवीं में 94.8 फीसद अंक हासिल किए थे। जागृति ने मैनिट से बीटेक किया है। इसके बाद उसने भेल में इंजीनियर के पद पर नौकरी पाई। उन्होंने 12 जून 2019 में यूपीएससी परीक्षा देने के लिए कहा। मैंने हमेशा दोनों बच्चों को करियर अपने हिसाब से चुनने का समर्थन दिया। उसके निर्णय पर अपनी सहमति दे दी। इसके बाद वह तैयारी में जुट गई।

उत्तरप्रदेश से 1986 में मध्यप्रदेश आ गए थे

डा. अवस्थी ने बताया कि उनका पैतृक गांव उत्तरप्रदेश के फतेहपुर जिले में नसेनिया है। उन्होंने कहा कि 1986 में मध्यप्रदेश के छतरपुर आ गया। यहीं से जागृति ने तीसरी कक्षा तक पढ़ाई की। इसके बाद महर्षि विद्या मंदिर से दसवीं व बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद मैनिट से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। जागृति अपने करियर के लिए शुरू से गंभीर रही है।

मेरा नौकरी छाेडना सार्थक हो गया

जागृति की मां मधुलता अवस्थी ने कहा कि बहुत खुशी हो रही है। उसके लिए जो भी सुविधाएं थीं, वह जुटाती थी। मैंने बच्चों के लिए अपनी नौकरी छाेड दी, लेकिन आज बेटी की सफलता से मेरा नौकरी छाेडने का निर्णय सार्थक हो गया।

Posted By: Lalit Katariya