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Wheat Procurement in Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में फिर टूट सकता है गेहूं खरीद का रिकॉर्ड , सात दिन में इतनी खरीदी

Updated: | Wed, 12 May 2021 07:25 PM (IST)

Wheat Procurement in Madhya Pradesh: भोपाल (नईदुनिया स्टेट ब्यूरो)। मध्य प्रदेश में इस बार फिर गेहूं खरीद का रिकॉर्ड टूट सकता है। पिछले साल 1.29 करोड़ टन गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा गया था। इस बार अभी तक 1.03 करोड़ टन गेहूं 13.12 लाख किसानों से खरीदा जा चुका है। पिछले एक सप्ताह में करीब 20 लाख टन गेहूं की खरीद हुई। इस आवक को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि 25 मई तक खरीदी 130 लाख टन के आंकड़े को पार कर जाएगी। वैसे भी केंद्र सरकार ने अब चमकविहीन गेहूं भी 10 प्रतिशत तक लेने की अनुमति दे दी है। इस बार 24.65 लाख किसानों नेे गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 19 अप्रैल से खरीद ने गति पकड़ी है, जो अभी तक जारी है। 19 से 25 अप्रैल के बीच 23 लाख टन के आसपास खरीद हुई। वहीं, 26 अप्रैल से दो मई तक 27 लाख टन गेहूं साढ़े चार हजार से ज्यादा खरीद केंद्रों में लिया गया। तीन से नौ मई के बीच 20 लाख टन गेहूं खरीदा गया है। अब तक 14,969 करोड़ रुपये के भुगतान के आदेश जारी हो गए हैं। किसानों के खातों में 11,925 करोड़ रुपये जमा भी हो चुके हैं।

नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस बार खरीद भले ही पहले प्रारंभ कर दी थी पर कोरोना संक्रमण की वजह से केंद्रों पर भीड़ नहीं लगने दी गई। 98 फीसद किसानोें को उपज बेचने के लिए पहला एसएमएस किया जा चुका है। 15 मई को इंदौर और उज्जैन में खरीद बंद हो जाएगी। वैसे यहां अधिकांश किसान उपज बेच चुके हैं। जबलपुर संभाग में 15 अप्रैल के आसपास खरीद प्रारंभ हुई है। यहां और भोपाल संभाग में खरीद का काम चल रहा है। केंद्र सरकार ने प्रति क्विंटल 10 प्रतिशत चमकविहीन गेहूं लेने की अनुमति दी है।

हालांकि, इस सीमा को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। संभावना जताई जा रही है कि मंडियां बंद होने, पांच लाख हेक्टेयर क्षेत्र बढ़ने और अधिक किसानों द्वारा पंजीयन कराने से इस बार अधिक मात्रा में उपार्जन हो सकता है। नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक अभिजीत अग्रवाल का कहना है कि साढ़े 12 लाख टन गेहूं के लिए प्लास्टिक के बैग खरीदने के आदेश दे दिए हैं। उपार्जन केंद्रों से परिवहन भी लगातार हो रहा है। जिन किसानों ने अभी उपज नहीं बेची है, उन्हें एसएमएस किए जा रहे हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay
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