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Coronavirus Bhopal News: भोपाल में बदतर हालात, अस्‍पताल में भर्ती कोराना संक्रमितों की हालत जानने के लिए भी तरस रहे स्‍वजन

Updated: | Thu, 15 Apr 2021 10:12 AM (IST)

भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि, Coronavirus Bhopal News:। कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के साथ अस्‍पतालों में भी हालात दिनोंदिन हालात भयावह होते जा रहे हैं। आलम यह है कि अस्‍पताल में भर्ती कोरोना पीड़ित मरीजों से अधिक परेशान उनके स्वजन हो रहे हैं। परिवार के सदस्यों को यह तक नहीं बताया जा रहा है कि अब मरीज की हालत कैसी है। कोविड सेंटर चिरायु अस्पताल के बाहर मरीजों के स्वजनों को परेशानी की हालत में देखा जा सकता है। दो दिन पहले इंटरनेट मीडिया पर खबर आई थी कि चिरायु में एक साथ 34 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि यह अफवाह निकली। अस्पताल प्रबंधन ने भी समझदारी दिखाते हुए तत्काल स्पष्टीकरण जारी कर दिया। इस खबर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के स्वजनों को परेशानी में डाल दिया। कई मरीज आइसीयू में भर्ती हैं, जिनके मोबाइल भी बंद हैं। किसी से बात करने की अनुमति नहीं है। पिछले साल कोरोना मरीजों से बात करना आसान था। अस्पताल के कर्मचारी भी मरीज की स्थिति के बारे में स्वजनों को आसानी से जानकारी दे देते थे। इस बार स्थिति विपरीत है। किसी को भी सही जानकारी नहीं मिल पा रही है।

अब तो गेट भी बैरिकेड रखकर बंद किया

मरीजों के स्वजनों की अस्पताल के बाहर बढ़ती संख्या को देखते हुए चिरायु के बाहरी गेट पर ही बैरिकेड्स रख दिए गए हैं। अंदर जाना भी आसान नहीं रहा। कई मरीजों के स्वजन कैंटीन के शेड के नीचे ही बैठे हैं। अधिकांश मरीजों से बात करने के प्रयास कर रहे हैं। स्वजनों की चिंता यह है कि अस्पताल में प्रतिदिन कई लोगों की संक्रमण से मृत्यु हो रही है। दो या तीन दिन बात नहीं होने पर परिवार के सदस्य अनहोनी से आशंकित हो जाते हैं। अस्पताल प्रबंधन इस संबंध में मीडिया से भी बात नहीं कर रहा है।

कई बार प्रयास किया, नहीं मिलने दिया

मेरे भाई अर्जुन सिंह का अस्पताल में इलाज चल रहा है। हमें बताया गया कि रेमडेसिविर के चार इंजेक्शन लगेंगे। दो इंजेक्शन तो हमने जुटा लिए। बाकी दो के लिए हमें 5400 रुपये प्रति इंजेक्शन के हिसाब से भुगतान करना पड़ा। हमारी सबसे बड़ी चिंता यह है कि हमें पता नहीं कि भाई का इलाज कौन डॉक्टर कर रहे हैं। मिलने और बात करने नहीं दिया जा रहा है।

- प्रतापसिंह ठाकुर, मरीज के स्वजन, निवासी दमोह

कोई बात करने को तैयार नहीं

मेरी माताजी का ऑक्सीजन लेवल कम हो गया था। सांस में तकलीफ हो रही थी। सीटी स्कैन कराया गया, लेकिन उसकी रिपोर्ट नहीं दी जा रही है। अस्पताल के बाहर बहुत समय से खड़ा हूं। कोई बात करने को तैयार नहीं है। अस्पताल प्रबंधन को मरीजों के स्वजनों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था करना चाहिए।

- नीरज श्रीवास्तव, मरीज के स्वजन, निवासी बीना

Posted By: Ravindra Soni
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