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Damoh Assembly Byelection Result: दमोह में भितरघात के आरोप पर पूर्व वित्तमंत्री जयंत मलैया ने द‍िया यह जवाब

Updated: | Mon, 03 May 2021 06:29 PM (IST)

Damoh Assembly Byelection Result: दमोह (नईदुनिया प्रतिनिधि)। दमोह विधानसभा के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी राहुल सिंह लोधी ने रविवार को अपनी हार का जिम्मेदार पूर्व वित्तमंत्री जयंत मलैया और उनके परिवार को ठहराया था। उनका कहना था कि मलैया के वार्ड से ही भाजपा हार गई। इसके जवाब में सोमवार को जयंत मलैया ने कहा कि हार को स्वीकार करना चाहिए। वह भी 2018 में राहुल सिंह से 790 वोट से हार गए थे। लेकिन इसके लिए उन्होंने कि सी को जिम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि चुनाव में हार-जीत होते रहती है। हार होने पर उसे स्वीकार करना चाहिए और जीत होने पर इतराना नहीं चाहिए।

मंत्री, जिलाध्यक्ष के वार्ड भी हारे

जयंत मलैया ने कहा कि राहुल सिंह के विरोध में जनमानस था इसलिए वह हार गए। शहर में और भी वार्ड हैं जहां सांसद प्रहलाद पटेल रहते हैं, भाजपा जिलाध्यक्ष रहते हैं, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रहती हैं और भी मंडल अध्यक्ष रहते हैं। सभी जगहों से राहुल लोधी हारे हैं। फिर वे जयंत मलैया और उनके परिवार को क्यों हार के लिए दोषी बता रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी राहुल को जनादेश नहीं मिला। मतदाता भाजपा से नाराज नहीं था, बल्कि भाजपा के प्रत्याशी के विरोध में था।

उन्होंने कहा कि राहुल सिंह 500 या 700 वोट से नहीं बल्कि 17 हजार वोटों से हारे हैं। यह बहुत बड़ी हार है और यह केवल मतदाता ही कर सकता है कोई नेता नहीं। मलैया ने कहा कि उन्हें जो भी जवाब देना होगा, पार्टी हाईकमान के सामने देंगे। राहुल सिंह के उनके निष्कासन की मांग पर मलैया ने कहा कि वह अपना काम करें। हम अपने स्तर पर जवाब देंगे।

प्रहलाद पटेल का ट्वीट-चुनौतियों, षड़यंत्रों, कार्यप्रणाली में सुधार के संके त

दमोह सांसद और कें द्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल ने एक और ट्वीट कर लिखा है कि दमोह चुनाव परिणाम ने भविष्य की चुनौतियों, षड़यंत्रों और कार्यप्रणाली में सुधार के स्पष्ट संकेत दिए हैं। हम सभी कार्यकर्ता अपने परिश्रम का मूल सामर्थ्य और विद्वेष रहित कार्यप्रणाली से इनका समाधान खोजेंगे।

90 से रहा भाजपा का गढ़ : दमोह विधानसभा क्षेत्र भाजपा का गढ़ रहा है। यहां 1990 में जयंत मलैया भाजपा की टिकट पर विधायक बने और 2018 तक लगातार चुने गए। 2018 में कांग्रेस यहां से जीती।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay
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