Weather News : दमोह के तेंदूखेड़ा में डूबे हुए पुल को पार कर रहे ग्रामीण, देखें वीडियो

Updated: | Thu, 16 Sep 2021 05:21 PM (IST)

दमोह, नईदुनिया प्रतिनिधि। बारिश का मौसम समाप्त होने को है और अंतिम दौर में अब लगातार बारिश हो रही है। पिछले एक सप्ताह से रुक-रुक कर लगातार बारिश हो रही है। अभी तक जिले की किसी भी नदी, नाले में बाढ़ नहीं आई है, लेकिन गुरुवार दोपहर जिले के तेंदूखेड़ा ब्लाक अंतर्गत आने वाले पठाघाट पुल के ऊपर पानी आ गया और पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लबी लाइन लग गई। इसी दौरान कुछ ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर रैलिंग विहीन पुल से गुजरते रहे। उन्होंने अपनी जान की परवाह भी नहीं कि यदि उफनते पुल से बह गए तो बचने की उम्मीद भी नहीं रहेगी। दरअसल बुधवार रात को क्षेत्र में काफी तेज बारिश हुई है और गुरुवार दोपहर भी बारिश हो गई जिससे पठाघाट पुल बाढ़ग्रस्त हो गया।

बिना रैलिंग के पुल के ऊपर था तीन फीट पानी : क्षेत्र में बुधवार की रात काफी तेज बारिश होती रही जिससे चारों ओर पानी ही पानी दिखाई दे रहा था। इस बारिश के बाद लोगों को काफी सुकून मिला है! क्योंकि अभी तक बारिश न होने से उमस और गर्मी से लोग परेशान हो रहे थे। गुरुवार दोपहर फिर से बारिश शुरू हो गई और मुख्यालय से तीन किमी दूर जामुनखेड़ा मार्ग पर पठाघाट पुल पर पानी आ गया। बिना रैलिंग के इस पुल के ऊपर से तीन फीट पानी बह रहा था। बारिश के पूरे सीजन में पहली बार पठाघाट का पुल पानी से डूबा है। पुल पर पानी होने के बाद भी दूसरी ओर फंसे लोग बाढ़ग्रस्त पुल को पार करते देखे गए। एक बाइक सवार अपने साथियों के साथ इस पुल से गुजर रहा है। जबकि एक साइकिल सवार और एक वृद्ध भी पुल को पार कर रहा है। इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने तत्काल तेंदूखेड़ा टीआइ को दी और उन्होंने पुलिस को मौके पर भेजा। दोपहर से शुरू हुई बारिश शाम तक जारी रही और पुल के उपर से पानी बहता रहा। गौरतलब हो कि इसी रैलिंग विहीन पुल से पिछले साल एक वृद्ध साइकिल सहित बह गया था। जिसकी खोज के लिए तीन जिलों की एसडीआरएफ की टीम जामुन नदी में उतरी थी, लेकिन वृद्ध का कोई सुराग नहीं लगा था। 23 दिन बाद वृद्ध के बेटे ने नदी का पानी कम होने पर पिता की खोज की तो पिता का शव झाड़ियों में फंसा मिला था। इस घटना के बाद भी प्रशासन ने पुल पर रैलिंग नहीं लगवाई।

सूखे खेतों में दिखा पानी : एक सप्ताह से लगातार क्षेत्र में हो रही बारिश से नदी, नालों के साथ खेतों में लगी फसलों ने अपना रुख बदल दिया है। बुधवार की रात हुई तेज बारिश से नगर में जगह- जगह पानी भरा मिला तो वहीं खेत खलियानों में भी पानी भरा दिखाई दिया। उदास किसानों के चेहरों पर खुशी देखी गई। क्योंकि अब उनकी फसलों को पानी पर्याप्त मात्रा में मिलने लगा है और वह फसलें भी अपना रंग बदलने लगी हैं। किसानों ने बताया कि अब जो बारिश हो रही है वह भी फसल के लिए काफी फायदेमंद है आगे भी बारिश होती रहेगी तो फसलों को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा।

Posted By: Brajesh Shukla