Dewas News: पुल से पानी को देख रही वृद्धा नदी में गिरी, दो भाइयों ने बचाई जान

Updated: | Thu, 16 Sep 2021 02:24 PM (IST)

Dewas News: देवास। 'जाको राखे साइयां मार सके न कोय' यह कहावत एक बार फिर से सही साबित हुई। बुधवार को शिप्रा के पुराने पुल से नदी के पानी को निहारने के दौरान एक वृद्ध महिला बीच नदी में गिर गई। नदी के तट पर मौजूद गांव के तैराकों ने जैसे ही वृद्धा को पानी में गिरते हुए देखा, उन्होंने छलांग लगा दी और कुछ ही देर में वृद्धा को सुरक्षित रूप से किनारे पर लेकर आ गए। वृद्धा बार-बार हाथ जोड़कर अपनी सलामती पर इन तैराकों को धन्यवाद देती रही। जानकारी के अनुसार दोपहर में करीब 65 वर्षीय यशोदाबाई शिप्रा के पुराने पुल पर नदी के बहते हुए पानी को निहार रही थी, अचानक उसकी आंखों के सामने अंधेरा छाया और वह पुल से सीधे नदी में गिर गई।

वृद्धा के गिरने पर घाट पर मौजूद 23 वर्षीय टीपू पुत्र मुंशी खां और उसके भाई 30 वर्षीय सुल्तान ने बगैर देर किए पानी में छलांग लगा दी। इस दौरान इनके अन्य साथी यशवंत जोशी ने रस्सी फेंककर वृद्धा को बाहर निकालने में मदद की। बाहर आने पर वृद्धा अपनी किस्मत पर धन्यवाद देते तैराकों को आशीर्वाद और धन्यवाद दे रही थीं। वृद्धा यशोदाबाई ने बताया कि वह ढांचा भवन में रहती है और अपनी सहेली से मिलने के लिए शिप्रा आई थी। नदी के पानी को देखने के लिए वह छोटे पुल से झुकी, इसके बाद कुछ समझ नहीं आया और वह गहरे पानी गिरकर डूबने लगी।

पानी में गिरने पर किसी वस्तु से टकराने पर पीठ में चोट भी पहुंची। वृद्धा ने बताया कि मुझे उम्मीद नहीं थी कि बच सकूंगी, पानी में सांस अटकने लगी थी, लेकिन किस्मत से इन लड़कों ने मुझे बचा लिया। इधर सूचना मिलने पर औद्योगिक थाना के प्रधान आरक्षक रिपुदन मंडलोई व आरक्षक प्रेमनारायण तावनिया मौके पर पहुंचे एवं वृद्धा को डायल 100 से एमजी अस्पताल पहुंचाया। नदी के पुराने एवं नए पुल से बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। रविवार व अन्य छुट्टी के दिनों में कई लोग शिप्रा के पुल पर बहते पानी को निहारने के लिए खड़े रहते हैं। ऐसे में दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। पूर्व भी कई लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है।

मां शिप्रा बचाओ समिति के सदस्य लंबे समय से जाली लगाने की मांग कर रहे हैं। साथ ही समिति के जो तैराक हैं, उनके पास लाइफ जैकेट, रस्सी, मोटरबोट जैसी सुविधाएं भी नहीं हैं। ऐसे में डूबते को बचाने में इनकी जान को भी खतरा बना रहता है। समिति के राजेश बराना ने बताया कि छोटे पुल से कई हादसे हो चुके हैं। हमारा प्रशासन से अनुरोध है कि छोटे एवं बड़े पुल पर जाली लगा दी जाएं।

Posted By: Prashant Pandey