सरदार सरोवर बांध 41 फीसद खाली, मध्य प्रदेश को बिजली कम मिलेगी

Updated: | Fri, 22 Oct 2021 06:48 PM (IST)

शैलेंद्र लड्ढा, सुसारी (धार) (नईदुनिया)। गुजरात में नर्मदा नदी पर बना सरदार सरोवर बांध 41 फीसद खाली रह गया है। पांच दिन से बांध का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। बांध के पूर्ण नहीं भरने से मध्य प्रदेश को बिजली कम मिलेगी। आगामी माह में इसका असर नजर आने लगेगा। मानसून सत्र की बिदाई व मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी पर बने बांधों से निकासी नहीं होने से अब सरदार सरोवर बांध का पूर्ण भरना संभव नहीं लग रहा है। वर्ष 2017 में गेट लगने के बाद यह तीसरी बार हो रहा है कि बांध अपनी पूर्ण जल संग्रहण क्षमता से नहीं भर पाया है।

शुक्रवार को सरदार सरोवर बांध का जलस्तर 130.86 मीटर पर था। पूर्ण जलस्तर 138.68 मीटर है। ऐसे में बांध अभी आठ मीटर खाली रह गया है। जल संग्रहण क्षमता पांच हजार 800 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) है, जबकि बांध अभी तक तीन हजार 420 मिलियन क्यूबिक मीटर ही भर पाया है यानी कि अक्टूबर के अंतिम पखवाड़े में 59 फीसद ही भर पाया है। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में गेट लगे थे। इसके बाद 2019 व 2020 में ही बांध पूर्ण रूप से भर पाया था।

सरदार सरोवर बांध में जल विद्युत की दो इकाइयां कार्य करती हैं। इसमें एक है भूमिगत रिवर बेड पावर हाउस, जहां से 1200 मेगावाट विद्युत उत्पादन होता है। नहर से होने वाली पानी निकासी से पांच टरबाइन के माध्यम से 250 मेगावाट बिजली उत्पादन होता है। बांध से मध्य प्रदेश को सबसे अधिक 57 फीसद बिजली मिलती है। इसके बाद महाराष्ट्र को 27 व गुजरात को 16 फीसद बिजली मिलती है। बांध के पूर्ण नहीं भरने से बिजली उत्पादन प्रभावित होना तय है। इसका असर आगामी माह में मध्य प्रदेश के हिस्से की जो बिजली दी जाती है, उस पर नजर आएगा।

प्रदेश में मार्च व फरवरी में ही घट सकता है जलस्तर

बांध के कम भरने के कारण आने वाले साल में फरवरी व मार्च में आलीराजपुर, धार, बड़वानी व खरगोन जिले में नर्मदा का जलस्तर 115 से 118 मीटर तक आ सकता है, क्योंकि गुजरात नहरों में अपने हिस्से के पानी का उपयोग रबी की सिंचाई के लिए हर साल अक्टूबर से जनवरी तक 10 से 12 मीटर तक करता आया है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए फरवरी व मार्च में ही नर्मदा का जलस्तर मई व जून की स्थिति में आ सकता है। ऐसे में पेयजल योजनाओं पर असर पड़ सकता है।

मध्य प्रदेश में नर्मदा व उसकी सहायक नदियों के बांध भी खाली

मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी पर बने इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर व सहायक नदी धार जिले की मान नदी पर बने मान डैम, आलीराजपुर जिले में हथनी नदी पर बना शहीद चंद्रशेखर आजाद बांध, बड़वानी में गोई नदी पर बना लोअर गोई बांध भी पूर्ण रूप से नहीं भर पाए हैं। एक नवंबर से इन सभी बांधों से रबी सीजन के लिए नहरों में पानी निकासी होगी। ऐसे में अब बांधों से नदी में पानी निकासी की संभावना नहीं के बराबर है।

एक नजर 22 अक्टूबर को नर्मदा नदी के बांधों के जलस्तर पर (मीटर में)

बांध पूर्ण जलस्तर वर्तमान जलस्तर खाली

इंदिरा सागर 262.13 259.10 3.03

ओंकारेश्वर 196.60 194.30 2.30

सरदार सरोवर 138.68 130.86 7.82

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay