ग्‍वालियर में बाइक शेयरिंग स्टैण्ड पर फ्री में विज्ञापन , बस स्टॉप पर लाखों रुपये लगते हैं हर माह

Updated: | Mon, 06 Dec 2021 10:30 AM (IST)

ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। स्मार्ट सिटी द्वारा बनाए गए बाइक शेयरिंग स्टेण्ड पर विज्ञापन कंपनियों को लाभ देने के लिए टेण्डर व एग्रीमेंट की शर्ताे में बदलाव कर दिया गया है। इसके चलते स्मार्ट सिटी को मिलने वाले राजस्व का हर माह लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। वहीं दूसरी ओर नगर निगम ने बस स्टॉप बनवाए थे। इन बस स्टॉप से निगम को हर माह लाखों रुपये का राजस्व मिलता है, यह बस स्टॉप बीओटी के तहत बनवाए गए थे इसमें कुछ साल बाद यह बस स्टॉप नगर निगम के हो जाएंगे और वह फिर से टेण्डर जारी कर सकेगा। जबकि स्मार्ट सिटी ने इन बस स्टॉप को स्वयं के पैसों से बनवाया है।

स्मार्ट सिटी ने शहर में बाइक शेयरिंग स्टेण्ड बनाए हैं, यह प्राेजेक्ट करीब 28 करोड़ रुपये का है, यहां पर प्रदूषण को कम करने एवं स्वास्थ्य लाभ के लिए बहुत ही न्यूनतम किराए पर शहरवासियों को बाइक दी जाती है। स्मार्ट सिटी द्वारा बनाए गए एग्रीमेंट में विज्ञापन के लिए याना कंपनी को छह गुणा छह की जगह स्टेण्ड पर होर्डिंग लगाने के लिए दी गई है। इसमें कंपनी को यह बताना है कि शहरवासी किस प्रकार डिजीटल प्रक्रिया से साइकिल की राइड ले सकते हैं। साथ ही साइकिलिंग से होने वाले लाभों की जानकारी इस होर्डिंग में दी जानी है। लेकिन इसके विपरित स्मार्ट सिटी ने बाइक शेयरिंग स्टेण्ड पर जानकारी देने के लिए बहुत ही कम जगह छोड़ी है जबकि पूरे स्टेण्ड पर नियम के विपरित विज्ञापन लगवा दिए हैं। जबकि नगर निगम ने शहरभर में बस स्टॉपेज बनवाए हैं, यह बस स्टापेज ठेकेदार ने बनाकर दिए हैं, साथ ही इन पर विज्ञापन के भी पैसे निगम को मिलते हैं।

Posted By: anil.tomar