ग्वालियर में अचलेश्वर महादेव मंदिर पर अन्नकूट का आयाेजन, 60 क्विंटल रामभाजा और 31 क्विंटल बूंदी वितरित

Updated: | Tue, 30 Nov 2021 02:46 PM (IST)

ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। भक्तों की आस्था का केंद्र अचलेश्वर महादेव पर सोमवार को ठीक पांच बजे से अन्नकूट वितरण शुरू हुआ, जो रात तीन बजे तक चला। इस दौरान 55 हजार से अधिक भक्तों ने अन्नकूट के रूप में बाबा भोलेनाथ का प्रसाद ग्रहण किया। प्रसादी का वितरण करने के लिए मंदिर के बाहर पांच स्टाल लगाए गए। इन स्टाल के आगे खड़े होने वाले भक्तों से लाइन में लगने से पहले ही बोल दिया गया कि वे शारीरिक दूरी बनाए रखें। प्रसाद वितरण की व्यवस्था एक सैकड़ा से अधिक सदस्यों ने संभाली। इस विशेष दिन बाबा अचलनाथ का विशेष श्रृंगार कर छप्पन भोग लगाया गया। साथ ही मंदिर में फूल बंगला सजाया गया।

काेई भक्त नहीं लौटा निराश होकर: अचलेश्वर महादेव पर हुआ अन्नकूट कार्यक्रम शहर का सबसे बड़ा आयोजन था। बाबा के दरबार से प्रसाद लेने के लिए भक्तों ने सांझ ढलने से पहले ही पहुंचना शुरू कर दिया था। अन्नकूट बनाने के लिए हलवाइयों ने रविवार से ही तैयारी शुरू कर दी थी। भक्तों के लिए उन्होंने 31 क्विंटल बूंदी, 60 क्विंटल रामभाजा और 200 बोरी आटे से बनीं पूरियों बनाईं। कोई भी भक्त बाबा के दरवाजे से निराश होकर नहीं लौटा। भक्तों को प्रसाद ग्रहण करने में कोई परेशानी न आए, इसके लिए मंदिर से जुड़े समिति सदस्यों ने पूरी व्यवस्था की थी।

वाहनाें पर लगाया प्रतिबंध अचलेश्वर महादेव के मुख्य मार्ग पर प्रसादी लेने के पहुंचने वाले भक्तों को परेशानी न आए, इसके लिए पांच बजे से इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया। मार्ग को बैरीकेट्स से बंद कर दिया गया। साथ ही पुलिस की जवान भी तैनात हो गए। यातायात को रोशनी घर रोड की ओर मोड़ दिया गया। जिन भक्तों ने दान रूवरूप राशि जमा कर कूपन लिए थे, उन्हें प्रसादी देने के लिए अलग से व्यवस्था की गई। ऐसे भक्तों को नटराज हाल में बनी खिड़की से प्रसादी दी गई। हालांकि रात होते ही अन्नकूट लेने के लिए आए कुछ व्यापारियों ने बताया पैकेट में प्रसाद जल्दी पैक कर देने से उसमें रखी सब्जी खराब हो गई। सब्जी को खराब होने से बचाने के लिए मंदिर प्रबंधन को पहले से ही तैयारी करनी थी।

Posted By: vikash.pandey