बिजली आडिट के लिए बनेगा एप सरकारी दफ्तरों में हीटर प्रतिबंधित

Updated: | Thu, 02 Dec 2021 03:30 PM (IST)

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रदेश में बढ़ते बिजली संकट के चलते अब कार्यालयों में बिजली बचत का अभियान चलाया जाएगा। शासकीय कार्यालयों में सर्दियों के दौरान हीटर प्रतिबंधित रहेंगे। इसमें शासकीय व निजी आवासों को भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए एक एप बनाया जाएगा, जिससे कार्यालयों का पंजीयन किया जाएगा। इनमें बिजली बचत की जाएगी और एनर्जी का आडिट भी किया जाएगा। इस कार्य पर निगरानी के लिए जिला पंचायत सीइओ आशीष तिवारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह फैसला कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया। इस बैठक में बिजली कंपनी के अधिकारी भी मौजूद थे।

कलेक्टर ने बैठक में कहा कि बिजली बचत के लिए हमें एक लांग टर्म और शार्ट टर्म प्लान तैयार करना है। शार्ट टर्म प्लान में 20 शासकीय कार्यालयों को शामिल करते हुए उनका एनर्जी ऑडिट कराया जाएगा। इसके साथ ही इन कार्यालयों में किस प्रकार से विद्युत की खपत को कम किया जा सकता है, उस पर कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग इसके लिए एक एप भी तैयार कराए, जिस पर चिन्हित सभी शासकीय एवं निजी कार्यालयों के साथ-साथ मकानों का भी पंजीयन कर विद्युत की बचत के सभी उपाय किए जा सकें। शासकीय कार्यालयों में क्या सावधानियां बरती जाएं, इसके संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे। शासकीय कार्यालयों में हीटर के उपयोग को पूर्णत: प्रतिबंधित किया जाएगा। कार्यालयों के स्टाफ को प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। प्रतिबंध के बाबजूद अगर कार्यालयों में हीटर का उपयोग पाया गया तो संबंधित विभाग प्रमुख के विरूद्घ कार्रवाई की जाएगी। हीटरों के उपायेग की जांच के लिए विद्युत विभाग के दल भी गठित किए जाएंगे। सीईओ जिला पंचायत आशीष तिवारी को उक्त कार्य का नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया है। विद्युत की बचत के संबंध में बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। बैठक में नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल, एडीएम इच्छित गढ़पाले, बिजली कंपनी के सिटी सर्कल के महाप्रबंधक विनोद कटारे मौजूद रहे।

शासकीय कार्यालयों में अधिकारी करें टेबल लैंप का उपयोग

कलेक्टर ने कहा कि विद्युत बचत के लिए सभी शासकीय कार्यालयों में अधिकारी अपनी-अपनी टेबल पर टेबल लैंप का उपयोग करेंगे, ताकि एक ही बल्ब से शासकीय कार्य अच्छे से हो सकें और विद्युत की बचत हो। इसके साथ ही शासकीय कार्यालयों में अनावश्यक रूप से बिजली की खपत न हो, इस पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। ़ऩिाआम लोगों को सुविधाएं देने के लिए किए जा रहे कार्यों में भी किस प्रकार विद्युत की बचत हो सकती है, उस पर प्रयास किए जाएंगे। इनमें नल-जल योजनाएं, मोटर पंप आदि शामिल हैं।

Posted By: anil.tomar