ग्‍वालियर: बीएसएफ ने पूरे किए 75 साल, विषम परिस्थितियों में संभाला सरहदों पर मोर्चा

Updated: | Tue, 30 Nov 2021 08:51 PM (IST)

-प्रथम महानिदेशक केएफ रुस्तमजी के नेतृत्व में एक दिसंबर 1965 को सीमा सुरक्षा बल की हुई थी स्थापना

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि) सीमा सुरक्षा बल अपना 57वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस उपलक्ष्य में टेकनपुर स्थित अकादमी में कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। स्वतंत्रता के बाद देश की सीमाओं की देखरेख राज्य सशस्त्र बल करते हैं। सन 1962 के भारत-चीन युद्ध और कच्छ में पाकिस्तान की दखलंदाजी के बाद बदली परिस्थितियों में सीमा सुरक्षा बल की स्थापना की गई। प्रथम महानिदेशक केएफ रुस्तमजी के नेतृत्व में एक दिसंबर 1965 को सीमा सुरक्षा बल की स्थापना हुई। शुरूआत में बल की स्थापना, पाकिस्तान से लगती सीमाओं की निगरानी के लिए की गई।

बीएसएफ का गठन 25 बटालियनों के साथ किया गया था। इनमें मुख्यत: विभिन्ना राज्यों का सशस्त्र पुलिस बल स्वेच्छा से शामिल हुआ था। समय के साथ सीमा सुरक्षा बल का काफी विस्तार हुआ है। आज इस बल की जनशक्ति 193 बटालियन तक पहुंच चुकी है। लगभग 7419.7 किमी लंबी पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमाओं को सुरक्षित रखने की महती जिम्मेदारी इसके पास है।

57 साल का रहा गौरवमयी इतिहास

अपने 57 साल के गौरवमयी इतिहास में सीमा सुरक्षा बल की कई उपलब्धियां खास रही हैं। सीमाओं की सुरक्षा और सीमावर्ती निवासियों में विश्वास की भावना पैदा करना इस बल का मुख्य उद्देश्य है। अपने शैशवकाल में ही 1971 के युद्ध के दौरान सीमा सुरक्षा बल के योगदान को कोई भूल नहीं सकता। खुद तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री ने मुक्त कंठ से बल के योगदान और जवानों के बलिदान की प्रशंसा की थी। बीएसएफ ने 1971 में भारत-पाक युद्ध में सक्रिय हिस्सा लिया और 339 अलंकरण एवं वीरता मेडल प्राप्त किए। सन 1999 में 'आप्स विजय", फिर 'आप्स पराक्रम" जैसी कठिन परिस्थितियों में सीमा सुरक्षा बल ने भारतीय सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सरहदों पर मोर्चा संभाले रखा।

Posted By: anil.tomar