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Gwalior news: बैठक में कलेक्टर बोले-लोगों को पकड़कर खुली जेल भेजें, एक को भी नहीं पकड़ा

Updated: | Wed, 02 Dec 2020 10:50 AM (IST)

ग्वालियर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में बिना मास्क पहने और बेवजह सड़कों पर घूमने वालों को खुली जेल में भेजने के अभियान की तीसरे दिन ही हवा निकल गई। मंगलवार को जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने एक भी बिना मास्क के व्यक्ति को नहीं पकड़ा। तीसरे ही दिन यह हालत हो गई, जबकि खुद ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे निर्देश देकर गए हैं और मंगलवार सुबह ही अंतर विभागीय समन्वय समिति की बैठक में कलेक्टर खुली जेल में लोगों को पकड़ने के निर्देश दे रहे थे। कलेक्टर के निर्देश को अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया।

ज्ञात रहे कि कोरोना के संक्रमण के कारण गाइडलाइन का पूरा पालन कराने के लिए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने खुली जेल में बिना मास्क वालों को भेजने के निर्देश दिए हैं। रविवार को 23 लोग खुली जेल में भेजे गए थे और निबंध भी लिखवाया गया था। सोमवार को 11 लोगों को भेजा गया और तीसरे दिन आंकड़ा शून्य हो गया।

खुली जेल में जाने से लगाने लगे थे लोग मास्क

खुली जेल में जाने के भय से लोग मास्क लगाकर सड़कों पर आने लगे थे। इसलिए इस अभियान को सतत जारी रहना था। इसलिए कलेक्टर ने निर्देश दिए थे। बावजूद इसके प्रशासन व पुलिस के अफसरों ने सड़कों पर चेकिंग नहीं की और बिना मास्क लगाए लोगों को नहीं पकड़ा। इससे अभियान की हवा निकल गई।

स्टेडियम को बनाया है खुली जेल

प्रशासन ने स्टेडियम को खुली जेल बनाया है। सडकों व चौराहों पर जो लोग बिना मास्क के नजर आते हैं। उन्हें प्रशासन व पुलिस के अफसर पकड़ते हैं और तीन से चार घंटे खुली जेल में रखते हैं और कोरोना के ऊपर निबंध लिखवाते हैं। एक बार खुली जेल में आने के बाद लोग सड़कों पर निकलने से पहले मास्क जरूर लगा लेते हैं। चूंकि वर्तमान में कोरोना की कोई वैक्सीन नहीं है। इसलिए अभी मास्क ही वैक्सीन का काम कर रहा है। यदि मास्क लगाकर रखेंगे तो कोरोना संक्रमण की संभावना कम रहेगी।

Posted By: anil.tomar
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