Dengue in Gwalior: शहर के नौ वार्ड डेंगू के हाट स्पॉट, इंतजाम बेदम,खतरा बरकरार

Updated: | Mon, 20 Sep 2021 06:45 AM (IST)

Dengue in Gwalior: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर के 9 वार्ड डेंगू के हाट स्पाट बन चुके हैं। लेकिन डेंगू से बचाव के इंतजाम बेदम है। इसलिए खतरा बरकरार बना हुआ है। शहर में बढ़ते डेंगू के मामलों को कंट्रोल करने के लिए स्वास्थ्य,मलेरिया विभाग ओर नगर निगम कागजी घोड़े दौड़ा रहा है। इस कारण से डेंगू तेजी से बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री का डेंगू पर प्रहार अभियान ने भी दम तोड़ता दिख रहा है। क्योंकि जागरुकता अभियान कहां पर चल रहा है इसकी खबर किसी को नहीं है। रविवार को किसी भी मरीज की जाचं जीआर मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी लैब और जिला अस्पताल से जारी नहीं हुई है।

जेएएच नर्सेस हॉस्टल में डेंगू का डेरा

जयारोग्य अस्पताल परिसर में बने हास्टल में डेंगू ने अपना डेरा जमा लिया है। शनिवार को तीन जूनियर डाक्टर डेंगू की चपेट में आकर भर्ती हुए हैं। इससे पहले नर्सिंग होस्टल में एक दर्जन नर्सेस डेंगू की शिकार बन चुकी हैं। इनमें से दो नर्सेस कमलाराजा से डिस्चार्ज होकर अपोलो में इलाज लेने तक पहुंची। हालांकि नर्सेस के बीच जेएएच अधीक्षक काे लेकर नाराजगी है कि जिस तरह से वह जूनियर डाक्टर को देखने पहुंचे उस तरह से कभी नर्सेस की तरफ ध्यान नहीं दिया जबकि वह भी अस्पताल का ही हिस्सा हैं।

यह वार्ड बने हाट स्पाट

शहर के वार्ड नंबर 18,19, 29 ,30,65 ,15 ,05 ,13, 31 में डेंगू के तेजी से मरीज बढ़े हैं। यह वही वार्ड हैं जहां पर कोरोना भी पहली व दूसरी लहर में तेजी से बढ़ा था। दो साल पहले डेंगू केस भी इन क्षेत्रों में अधिक मिले थे। यह वार्ड सिटीसेंटर का कुछ हिस्सा, डीडी नगर, शताब्दीपुरम, गोवर्धन कॉलोनी, गोला का मंदिर, मुरार, नाका चन्द्रबदनी, कंपू, ग्वालियर और हजीरा का क्षेत्र शामिल हैं।

मलेरिया विभाग सर्वे में व्यस्त,निगम का अमला सुस्त

डेंगू के तेजी से बढ़ रहे केस काे कंट्रेाल करने के लिए मलेरिया विभाग का अमला लार्वा सर्वे का काम कर रहा है। जिन क्षेत्रों में मरीज मिल रहे है। वहां पर मरीज के आसपास के 100 मीटर केदायरे में डेंगू लार्वा का सर्वे किया जा रहा है। पर यह नाकाफी हो रहा है। क्योंकि नगर निगम का स्वास्थ्य अमला सुस्त पड़ा हुआ है।

चिंता बना डेंगू का वैरियंट

डेंगू जिस गति से बढ़ रहा है और लेाग उसकी चपेट में आ रहे है। उसके कारण चिंता का कारण बना हुआ है। क्योंकि इस बात की आशंका जाहिर की जा रही है कि कहीं कोविड के वेरियंट का बदला स्वरुप डेंगू के रुप में तो नहीं आ गया जो लोगों को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू मच्छर से फैलने वाली बीमारी है और दो साल पहले भी इसी गति से मरीज बढ़े थे।

इनका कहना है-

डेंगू की रोकथाम के लिए गली मोहल्लों व ग्रामीण में जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। शहर के जो हाटस्पाट है वहां पर लगातार सर्वे और फौगिंग कराई जा रही है। लोग भी ध्यान दें और घर व उसके आसपास साफ पानी जमा न होने दें क्यों कि डेंगू के मच्छर का लार्वा साफ पानी में ही पैदा होता है।

डा नीलम सक्सेना , प्रभारी मलेरिया अधिकारी

Posted By: anil.tomar