Dengue in Gwalior: डेंगू मरीजाें की संख्या 1324 तक पहुंची, एडिज के शिकार में 60 फीसद बच्चे

Updated: | Wed, 27 Oct 2021 01:52 PM (IST)

Dengue in Gwalior: अजय उपाध्याय, ग्वालियर नईदुनिया। ग्वालियर में डेंगू का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। आलम यह है कि अब तक करीब 1324 लाेग एडिज का शिकार बन चुके हैं। जिसमें साठ फीसद बच्चे हैं।निजी व सरकारी अस्पताल डेंगू मरीजों से फुल हाे चुके हैं। डेंगू के कारण बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, विशेष रूप से जिनकी उम्र 18 साल से कम है।

मंगलवार को आई जांच रिपोर्ट में 39 बच्चे डेंगू की चपेट में पाए गए हैं। डेंगू लार्वा मिलने पर नगर निगम ने अभियान चलाकर 29 स्थानों से 4400 रुपये का जुर्माना वसूला है। स्वास्थ्य अधिकारी डा वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि सभी वार्डों में डेंगू अभियान मलेरिया विभाग के साथ चलाया गया। इस दाैरान जिन घरों में लार्वा मिला, वहां पर जुर्माना लगाया तथा फोगिंग कर दवा का छिड़काव कराया गया। जीआर मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल से आई जांच रिपोर्ट में 66 मरीज डेंगू पाजिटिव पाए गए हैं। जिसमें 62 लोग ग्वालियर के रहने वाले हैं। इस जांच रिपोर्ट में 39 बच्चे शामिल हैं, जो डेंगू की चपेट में आए हैं। शिशुरोग विशेषज्ञ डा विनीत चतुर्वेदी का कहना है कि डेंगू के कारण से हाथ पैर व मुंह लाल हो जाता है और सूजन आ जाती है। इससे दिल की धड़कन बढ़ जाती है। डेंगू मरीजों में बीपी की शिकायत पाई जा रही है। जिले में डेंगू मरीजों का आंकड़ा 1324 हो चुका है। यह आंकड़ा पिछले 6 सालों में सबसे अधिक है। डेंगू के कारण कई लोगों का दीपावली का त्योहार फीका हो सकता है। डा चतुर्वेदी का कहना है कि बुखार आए तो बच्चों को पानी अधिक पिलाएं, जिससे बुखार कम हाेगा और बीपी सही बना रहेगा। बच्चाें काे नारियल पानी, पपीता का रस, ओआरएस घोल,पिलाने की सलाह दी जा रही है। इससे ब्लड प्रेशर लो नहीं होता और बच्चे को भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। क्योंकि बुखार से सूजन आने लगती है और शरीर में पानी की कमी से उनके दिल की धड़कन बढ़ने लगती है।

Posted By: vikash.pandey