Ekadashi 2021: चातुर्मास की अंतिम एकादशी इंद्र योग में 1 नवंबर को मनाई जाएगी, जानें पूजा विधि

Updated: | Sun, 24 Oct 2021 11:03 AM (IST)

Ekadashi 2021: विजय सिंह राठाैर, ग्वालियर नईदुनिया। पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी 1 नवंबर, सोमवार को मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि इस एकादशी तिथि को ही रमा एकादशी के नाम से जाना जाता है। रमा एकादशी को चातुर्मास की अंतिम एकादशी भी कहा जाता है।

एकादशी तिथि का आरंभ 31 अक्टूबर दोपहर 2 बजकर 27 मिनट पर होगा और समाप्ति 1 नवंबर, सोमवार दोपहर 1 बजकर 21 मिनट पर होगी।

एकादशी व्रत पारण तिथि 2 नवंबर को प्रात: 6 बजकर 34 मिनट से प्रात: 8 मिनट 46 तक होगी। इस दिन भगवान विष्णु के केशव स्वरूप के साथ-साथ मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। माता लक्ष्मी का एक और नाम रमा भी है, जिसकी वजह से इस एकादशी को रमा एकादशी के नाम से जाना जाता है। व्रत और पूजा से विशेष लाभ मिलता है। मान्यता है कि इसके प्रभाव से महापाप भी दूर हो जाते हैं। इस दिन विधि विधान से भगवान विष्णु की पूजा कर नैवेद्य अर्पण किया जाता है और आरती करके प्रसाद बांटा जाता है, जो भी व्यक्ति ये व्रत करता है, उसके जीवन की सभी मनोकामनाएं जरूर पूरी होती हैं। ये व्रत करने वाले के जीवन में समृद्धि और संपन्नता आती है। इस दिन शाम के समय भगवान विष्णु की विेशेष पूजा की जाती है। अगले दिन मंदिर में जाकर पूजा-पाठ कर दान-दक्षिणा देना शुभ होता है। इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति मृत्यु के उपरान्त मुक्ति प्राप्त करता है। इस एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है।

Posted By: vikash.pandey