Guru Pushya Amrit Yog 2021: 60 साल बाद गुरु पुष्य अमृत योग, जानें क्या है महत्व

Updated: | Sat, 23 Oct 2021 10:29 AM (IST)

Guru Pushya Amrit Yog 2021: विजय सिंह राठाैर, ग्वालियर नईदुनिया। कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की 28 अक्टूबर गुरुवार को गुरु पुष्य अमृत योग बनेगा, जो सुबह 9:41 बजे से 29 अक्टूबर सुबह 6:24 बजे तक रहेगा।

गुरुवार और पुष्य नक्षत्र से बनने वाला यह संयोग कई शुभ योग भी अपने साथ लेकर आ रहा है। इसी दिन अहोई अष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा। इस दिन माता अहोई की विधि-विधान के पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन व्रती महिलाएं पूरे दिन व्रत रखती हैं और शाम को तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।

ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि इस दिन चंद्रमा कर्क राशि मे होंगे और गुरु, शनि देव के साथ मकर राशि में रहेंगे। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि देव हैं और देवता देव गुरु बृहस्पति हैं। विशेष बात ये हैं कि ये दोनो ही ग्रह मकर राशि में विराजमान हैं, यानी मकर राशि में शनि और गुरु की युति बनी हुई है। इसके साथ पुष्य नक्षत्र गुरुवार के दिन पड़ रहा है। इसलिए इसे गुरु पुष्य नक्षत्र भी कहा जाता है। ऐसा संयोग 60 साल बाद बना है। सर्वार्थसिद्धि योग सुबह 6:24 बजे से दूसरे दिन सुबह 6:24 तक रहेगा, रवि योग सुबह 6:24 बजे से 9:41 बजे तक रहेगा।जिससे इस दिन का महत्व कई गुणा और बढ़ जाता है। ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्र हैं और उनमें पुष्य नक्षत्र का अपना विशेष महत्व है। जब यह नक्षत्र गुरुवार को पड़ता है, तब इसे गुरुपुष्य योग के नाम से जाना जाता है। ज्योतिषशास्त्र में यह बेहद दुर्लभ और श्रेष्ठतम योगों में से एक माना गया है। इस दिन नई वस्तु, जमीन-मकान की खरीददारी, वाहन, स्वर्ण आभूषण आदि खरीदने पर शुभ फल की प्राप्ति होती है और स्थायित्व बना रहा रहता है। इस दिन नया व्यापार शुरू करना शुभ होता है। इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और सभी कार्य आसानी से पूरे हो जाते हैं।

Posted By: vikash.pandey