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Gwalior Chaitra Navratri: बंद रहे मंदिर के पट, मां के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु, नवसंवत्सर की एक दूसरे काे दी बधाई

Updated: | Wed, 14 Apr 2021 08:47 AM (IST)

-शुरू हुआ हिंदू नववर्ष 2078, चेटीचंड पर घर-घर पहुंचा प्रसाद, गुरुद्वारों में हुई वैसाखी की अरदास

Gwalior Chaitra Navratri: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। हिंदू नववर्ष (नव संवत्सर 2078) शुरू हो चुका है। 13 अप्रैल को चैत्र नवरात्र, गुड़ी पड़वा व वैसाखी भी के सथ ही सिंधी समाज द्वारा झूलेलाल जयंती 'चेटीचंड" श्रद्धाभाव के साथ मनाई गई।

कोरोना के साये में मंगलवार को चैत्र नवरात्र की शुरुआत हुई है, पहले दिन काफी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन करने के लिए शहर के विभिन्ना मंदिरों में पहुंचे। मगर प्रशासिनक आदेशानुसार शहर के मंदिरों के पट आम जनता के लिए बंद थे। इसलिए श्रद्धालु बाहर से ही मां को नमन करके, पूजापाठ करके व उन्हें दिया लगाकर चले गए। अब से 9 दिनों तक मां के 9 रूपों की आराधना श्रद्धालुओ द्वारा की जाएगी।

वहीं महाराष्ट्ीयन लोगों द्वारा मंगलवार को गुड़ी पड़वा श्रद्धाभाव से मनाई गई। यूं तो सभी इस पर्व को मनाते हैं, मगर मराठियों द्वारा इसे प्रमुखता से मनाया जाता है। डोलीबुआ का मठ, वायकर मठ लक्ष्मीगंज, आभा महाराज का मठ में गुड़ी पड़वा पर विशेष पूजन किया गया।

-घर-घर पहुंचा चेटीचंड का प्रसाद

सिंधी समाज द्वारा भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव 'चेटीचंड" भी श्रद्धाभाव से मनाया गया। सिंध नवयुवक सामाजिक सुरक्षा मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार धमेचा ने बताया कि हर साल चेटीचंड पर ग्वालियर स्थित महाराज बाड़े पर स्टाल लगाकर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया जाता था। लेकिन इस साल कोरोना के कारण घर-घर प्रसाद पहुंचाया गया। भगवान झूलेलाल का दानाओली व माधौगंज में मुख्य मंदिर है, जहां श्रद्धाभाव से सिंधी समाज के लोग पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं। इस साल एक-दो लोगों ने जाकर मंदिर पर दीपक जलाए। सिंधी समाज के लोगों ने घर में ही दीपक जलाकर सुख समृद्धी की कामना की।

गुरुद्वारों में बैसाखी की विशेष अरदास

सिख व पंजाबी समाज द्वारा 13 अप्रैल को श्रद्धाभाव से बैसाखी पर्व मनाया गया। गुरुद्वार प्रबंध कमेटी फूलबाग के प्रधान एचएस कोचर ने बताया कि वैसाखी के लिए 11 अप्रैल से अखंड पाठ शुरू हुआ था, जिसका 13 अप्रैल को सुबह 9 बजे समापन हुआ। जिसके बाद पंजाब से आए कथावाचक एवं रागी ने दोपहर 2 बजे तक भजन कीर्तन किया। इस साल फूलबाग गुरुद्वारे की शताब्दी भव्य रूप से मनाई जानी थी, मगर कोरोना के कारण सीमित कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरुद्वारे में बैसाखी के उपलक्ष्य में शाम 6:30 तक विशेष लंगर का आयोजन किया गया।

शुरु हुए रमजान, मस्जिद के बजाय घर से इबादत करने की अपील

मुस्लिम समाज के लिए बेहद खास व पाक माने जाने वाले रमजान 14 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं। शहर काजी अब्दुल अजीज कादरी ने सभी से अपील की है कि कोरोना को देखते हुए कोई भी मस्जिद में नमाज आदा करने न जाए, बल्कि घर में रहकर ही इबादत करे। मस्जिदों में 5-5 लोगों द्वारा ही नमाज अदा की जाएगी। क्योंकि इस्लाम में 5 लोगों की नमाज मान्य होती है।

यह रहेगा सेहरी व अफ्तार का समय

अफतार बुधवार शाम 6:49 बजे से

सेहरी गुरुवार (जुमेरात) सुुबह 4:29 बजे तक

Posted By: anil.tomar
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