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Gwalior Court News: डबरा नपा अध्यक्ष पद के आरक्षण पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक

Updated: | Thu, 04 Mar 2021 08:08 PM (IST)

- रोटेशन प्रक्रिया का पालन करके फिर से अधिसूचना जारी करने का दिया आदेश

Gwalior Court News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। हाई कोर्ट की युगल पीठ ने डबरा नगर पालिका के अध्यक्ष पद व दतिया के इंदरगढ़ नगर पंचायत के अध्यक्ष के आरक्षण की उस अधिसूचना पर रोक लगा दी, जिसमें दोनों जगहों के अध्यक्ष के आरक्षण में रोटेशन प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। कोर्ट ने रोटेशन प्रक्रिया का पालन करते हुए फिर से पद के आरक्षण की अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया है। अप्रैल में दोनों याचिकाओं की फिर से सुनवाई होगी।

रवी शंकर बंसल ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायतों में रोटेशन में आरक्षण होना चाहिए। नगर पालिका अधिनयम की धारा 29 बी के तहत रोटेशन का प्राविधान किया गया है, लेकिन डबरा के नगर पालिका अध्यक्ष के पद में रोटेशन प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। 25 साल से ये पद आरक्षित है। जबकि डबरा में 80 फीसद जनसंख्या सामान्य वर्ग की है। इस पद को लंबे समय तक आरक्षित नहीं रखना चाहिए। एक बार आरक्षित होने के बाद उसे दूसरी बार बदलना होता है, लेकिन डबरा में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर शासन से जवाब मांगा था। शासन का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने पाया कि संवैधानिक अधिकारों का हनन है। आरक्षण में रोटेशन प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। इसलिए 10 दिसंबर 2020 को जारी अधिसूचना पर रोक लगाई जाती है। नगर पालिका अधिनयम की धारा 29 बी के प्राविधानों का पालन करते हुए नई अधिसूचना जारी की जाए। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी विवेक जैन ने की।

इंदरगढ़ की सीट भी आरक्षित थी

दतिया जिले के इंदरगढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष की सीट भी पिछले 25 साल से आरक्षित थी। जबकि इस सीट पर सामान्य व पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या अधिक थी। राजकुमार यादव ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर इंदरगढ़ नपा अध्यक्ष के आरक्षण को चुनौती दी थी। कोर्ट ने पाया कि संविधान के अनुच्छेद 243 टी का उल्लंघन है। इसलिए रोटेशन प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर आरक्षण की अधूसूचना पर रोक लगाई जाती है।

इन तथ्यों को भी लाया गया कोर्ट के ध्यान में

याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि नगर पालिका व नगर पंचायत का चुनाव लड़ने के लिए उसी जगह का निवासी होना जरूरी है। दूसरी जगह का निवासी चुनाव नहीं लड़ सकता है। यदि एक वर्ग के लिए सीट को लंबे समय तक आरक्षित रखा जाता है तो दूसरे लोगों को मौका नहीं मिलेगा। वहां के रहवासियों के संवैधानिक अधिकारी का उल्लंघन है।

Posted By: anil.tomar
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