Gwalior Court News: पाक नागरिक को अवैध हिरासत में नहीं, डिटेंसन सेंटर में रखा है

Updated: | Tue, 03 Aug 2021 04:39 PM (IST)

हाई कोर्ट की युगलपीठ में शासन ने जवाब पेश किया, अब 11 अगस्त को होगी सुनवाई

Gwalior Court News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। हाई कोर्ट की युगलपीठ में शासन ने उस मामले में जवाब पेश कर दिया, जिसमें पाकिस्तानी नागरिक ने अवैध हिरासत का आरोप लगाया है। शासन की ओर से तर्क दिया गया है कि याचिकाकर्ता को अवैध हिरासत में नहीं रखा गया है। सजा पूरी होने पर उसे डिटेंसन सेंटर में रखा गया है। डिटेंसन सेंटर को अवैध हिरासत नहीं कहा जा सकता है। इसलिए याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। अब इस याचिका पर 11 अगस्त को सुनवाई होगी। ़1ि3 मार्च 2006 को इंदरगंज थाना पुलिस ने अब्बास अली खान नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। उसे पाकिस्तान के लिए जासूसी करने व फर्जी दस्तावेज बनाने के मामले में गिरफ्तार किया था, उसे कोर्ट ने 14 साल की सजा सुनाई थी। इस सजा के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन हाई कोर्ट ने अपील खारिज करते हुए आदेश दिया था कि 14 साल की सजा पूर करे, उसके बाद पाकिस्तान भेजा जाए। मध्य प्रदेश शासन उसे बाघा बार्डर पर पाकिस्तान को सौंपकर आए। फरवरी 2021 में 14 साल की सजा पूरी हो गई। हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार उसे बाघा बार्डर पर पाकिस्तान को सुपुर्द करना था, लेकिन कोरोना के चलते उसे पाकिस्तान भेजने की कार्रवाई नहीं हो सकी। जेल से डिटेंसन सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया। अब्बास अली ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उसकी ओर से तर्क दिया गया कि जेल में अवैध रूप से बंधक बनाया गया है। उसकी सजा पूरी हो चुकी है। उसे जेल में नहीं रखा जा सकता है। इस मामले में हाई कोर्ट ने शासन से लिखित में जवाब मांगा था। शासन ने जवाब पेश कर दिया। शासन ने तर्क दिया है कि याचिकाकर्ता पाकिस्तानी जासूस है, उसे खुला नहीं छोड़ा सकता है।

पुनर्घनत्वीकरण योजना के मामले में पांच को सुनवाई

ग्वालियर(नप्र)। हाई कोर्ट की युगलपीठ में थाटीपुर पुनर्घनत्वीकरण एवं विकास योजना पर सुनवाई पांच अगस्त को होगी। सोमवार को शासन की ओर से कहा गया कि पुनर्घनत्वीकरण योजना को लेकर पूर्व में भी एक याचिका दायर की गई थी। इस याचिका के आदेश के पालन में योजना का संचालन किया जा रहा है। पुराने पेड़ों को शिफ्ट किया जाएगा। छोटे पेडों की स्थिति को देखकर फैसला लिया जाएगा। पेड़ काटे गए तो उनकी जगह दूसरे पेड़ लगाए जाएंगे। राज चड्डा ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया है कि प्रदेश के 10 शहरों में पुनर्घनत्वीकरण योजना 2016 में लागू की है। इस योजना के लिए जहां जगह चिŸित की है, उस जगह पर पेड़ खड़े हो हुए हैं। योजना में पेड़ों का जिक्र नहीं किया गया है। जो पेड़ काटे जाएंगे, उनकी पूर्ति कहां की जाएगी। थाटीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना के लिए चंबल कालोनी की जगह चिŸित की है। यहां पर चार हजार पेड़ खड़े हैं। ये काफी पुराने हैं। योजना में इन पेड़ों का जिक्र नहीं किया गया है। इन्हें काटेंगे या फिर शिफ्ट करेंगे। यदि पेड़ काटे जा रहे हैं तो उतने पेड़ कहां लगाए जाएंगे। किस जमीन पर रोपे जाएंगे। इसलिए योजना के कार्य पर रोक लगाई जाए।

Posted By: anil.tomar